CG News: प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में रायपुर की ऐतिहासिक उपलब्धि, वर्चुअल नेट मीटरिंग से 20 परिवारों को सस्ती बिजली
CG News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत देशभर में एक नई मिसाल कायम की है, पार्थिवी पैसिफिक रिहायशी सोसायटी में वर्चुअल नेट मीटरिंग (VNM) प्रणाली के सफल संचालन के साथ रायपुर देश का पहला शहर बन गया है, जहां यह तकनीक अपार्टमेंट स्तर पर लागू की गई है.
बिजली बिल में बड़ी राहत
इस अभिनव पहल से सोसायटी में रहने वाले 20 परिवारों को बिजली बिल में सीधा और बड़ा लाभ मिलने लगा है, सौर ऊर्जा के उपयोग से मासिक बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है.

अपार्टमेंटवासियों के लिए समाधान
वर्चुअल नेट मीटरिंग सिस्टम उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है, जो बहुमंजिला इमारतों में रहते हैं और जिनके पास अलग-अलग सोलर पैनल लगाने के लिए पर्याप्त छत उपलब्ध नहीं होती, इस प्रणाली के माध्यम से एक ही सोलर प्लांट से कई फ्लैटों को बिजली का लाभ दिया जा रहा है.
प्रदेशभर में लागू होगा रायपुर मॉडल
पार्थिवी पैसिफिक सोसायटी में VNM की सफलता को देखते हुए छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी ने इस मॉडल को प्रदेश के अन्य शहरों और शहरी क्षेत्रों में लागू करने की पहल शुरू कर दी है, इससे भविष्य में हजारों उपभोक्ताओं को सस्ती और स्वच्छ सौर ऊर्जा उपलब्ध होगी.

नवीकरणीय ऊर्जा को नई गति
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस परियोजना को छत्तीसगढ़ में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ और हरित भारत के विजन से जुड़कर अब अधिक से अधिक नागरिक सौर ऊर्जा का लाभ उठा सकेंगे.
कैपेक्स मॉडल पर सोलर प्रोजेक्ट
पार्थिवी पैसिफिक सोसायटी में स्थापित यह सोलर प्लांट कैपेक्स मॉडल पर आधारित है। इसमें 20 परिवारों ने सामूहिक रूप से निवेश किया है और यह प्लांट पूरी तरह उन्हीं की संपत्ति है, इस परियोजना की कुल लागत लगभग ₹24 लाख है.
डबल सब्सिडी से बढ़ा आकर्षण
प्रत्येक परिवार ने लगभग ₹1.20 लाख का निवेश किया, जिसमें केंद्र सरकार से ₹78 हजार की सब्सिडी मिली, इसके अलावा, छत्तीसगढ़ सरकार ने ₹30 हजार की अतिरिक्त सब्सिडी देने की घोषणा की है, जिससे आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ और कम हुआ है.
सालाना 6.30 लाख रुपये की बचत
इस सोलर सिस्टम से सभी फ्लैटों को मिलाकर सालाना लगभग ₹6.30 लाख की बचत होने का अनुमान है, प्रत्येक परिवार को हर साल लगभग ₹31,500 की बचत हो रही है और लगभग 300 यूनिट मासिक बिजली क्रेडिट मिल रहा है.
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शहरी उपभोक्ताओं के लिए गेम-चेंजर
छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने वर्चुअल नेट मीटरिंग को शहरी उपभोक्ताओं के लिए गेम-चेंजर बताया, उन्होंने कहा कि, यह मॉडल सामूहिक रूप से सौर ऊर्जा का लाभ देता है और बिजली खर्च घटाने में अहम भूमिका निभाता है.
वर्चुअल नेट मीटरिंग क्या है?
वर्चुअल नेट मीटरिंग प्रणाली के तहत अपार्टमेंट परिसर में लगाया गया सोलर प्लांट उत्पन्न बिजली को एक कंबाइंड मीटर के जरिए ग्रिड में भेजता है, इसके बाद, तय हिस्सेदारी के अनुसार प्रत्येक फ्लैट के मीटर में बिजली यूनिट्स क्रेडिट कर दी जाती हैं, जिससे सभी परिवारों को समान रूप से सौर ऊर्जा का लाभ मिलता है.
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Author: Vindhya Times
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