Mauganj News: मऊगंज में शिक्षकों का प्रदर्शन, टीईटी से जुड़े आदेश वापस लेने की मांग
Mauganj News: शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश की जिला इकाई के नेतृत्व में मऊगंज में शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम संयुक्त कलेक्टर ए.पी. द्विवेदी को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा से जुड़े विवादित आदेशों पर रोक लगाने और सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की।
बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे शिक्षक
शुक्रवार को शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश की जिला इकाई के नेतृत्व में मऊगंज में शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। जिले भर से बड़ी संख्या में शिक्षक कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन संयुक्त कलेक्टर ए.पी. द्विवेदी को सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने सरकार से टीईटी परीक्षा से जुड़े आदेशों पर रोक लगाने और इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की।

पुराने शिक्षकों पर परीक्षा थोपने का किया विरोध
शासकीय शिक्षक संगठन के जिला अध्यक्ष कौशलेश चतुर्वेदी ने बताया कि लोकशिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा हाल ही में जारी आदेश शिक्षकों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जिले और प्रदेश में कई शिक्षक पिछले 27 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में इतने वर्षों बाद उन पर पात्रता परीक्षा का दबाव बनाना उचित नहीं है। संगठन ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।

आदेश की प्रक्रिया और वैधता पर उठाए सवाल
ज्ञापन में शिक्षकों ने आरोप लगाया कि डीपीआई द्वारा जारी आदेश के लिए शासन स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। शिक्षकों का कहना है कि इस मामले में मंत्रिमंडल से परामर्श और वैधानिक स्वीकृति भी नहीं ली गई है। साथ ही उन्होंने सिविल अपील क्रमांक 1385/2025 का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें याचिकाकर्ता एक निजी संस्था है, जिसका सरकारी शिक्षकों की सेवा शर्तों से सीधा संबंध नहीं होना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) के निर्देशों की स्पष्टता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
सेवा शर्तों में बदलाव को बताया अनुचित
शिक्षकों का कहना है कि उनकी नियुक्ति के समय सेवा शर्तों में किसी प्रकार की पात्रता परीक्षा का उल्लेख नहीं था। ऐसे में कई वर्षों की सेवा के बाद नियमों में बदलाव करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि लंबे समय बाद सेवा शर्तों में बदलाव करना कर्मचारियों के अधिकारों के खिलाफ है।
सम्मान और अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त
संगठन के जिला अध्यक्ष कौशलेश चतुर्वेदी ने कहा कि वरिष्ठ शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मामले में संज्ञान लेकर विवादित आदेश वापस नहीं लिया गया और पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की गई, तो संगठन प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। प्रदर्शन के दौरान जिले के करीब 50 शिक्षक पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
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Author: Vindhya Times
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