MP News: मध्यप्रदेश पर ईरान युद्ध का सीधा असर महंगा हुआ मकान निर्माण और उद्योग
MP News: ईरान युद्ध के साइड इफेक्ट का असर मध्यप्रदेश में उद्योगों और आम जीवन पर तेजी से दिख रहा है। राज्य के कई उद्योग गैस और पेट्रोकेमिकल की कमी से प्रभावित हैं, जिससे निर्माण सामग्री और घरेलू उत्पादों के दाम बढ़ गए हैं। विशेषकर कांच, टाइल्स, प्लास्टिक और फर्नीचर की कीमतों में भारी उछाल आया है। मकान निर्माण की लागत बढ़ गई है और आम नागरिकों को महंगे उत्पाद खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
उद्योगों की उत्पादन लागत में वृद्धि
मध्यप्रदेश के उद्योग युद्ध के इस साइड इफेक्ट से सहमे हुए हैं। एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्री मप्र (एआइएमपी) ने बताया कि राज्य के कई उद्योग गैस की कमी और पेट्रोकेमिकल की अनियमित आपूर्ति से प्रभावित हैं। कांच और टाइल्स उत्पादन वाले उद्योगों पर इसका असर सबसे अधिक है। उद्योग ब्लैक मार्केट से गैस खरीदने को मजबूर हैं, जिससे उनकी उत्पादन लागत बढ़ गई है। परिणामस्वरूप निर्माण और घरेलू उत्पाद महंगे हुए हैं।

कांच और टाइल्स की कीमतों में उछाल
कांच उत्पादन में गैस का उपयोग अत्यधिक होता है। गैस की कमी के कारण ब्लैक मार्केट में महंगी खरीदारी करनी पड़ रही है। मोरबी से टाइल्स की आपूर्ति कम होने के कारण मध्यप्रदेश के शहरों में टाइल्स महंगी हो गई हैं। इंदौर, भोपाल और रीवा जैसे जिलों में निर्माण की लागत बढ़ी है। अब घर बनाने वालों को महंगे विकल्प जैसे मार्बल और ग्रेनाइट का सहारा लेना पड़ सकता है।
केबल और पीवीसी महंगे
कॉपर मेटल और पीवीसी की बढ़ती कीमतों का असर भी राज्य में साफ दिख रहा है। केबल उद्योग पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है। एआइएमपी के अध्यक्ष योगेश मेहता ने बताया कि पहले 500 रुपए में मिलने वाले केबल बंडल अब 2500-3000 रुपए तक पहुंच गए हैं। इससे मकान निर्माण और उद्योग की लागत में वृद्धि हुई है। राज्य में नए प्रोजेक्ट्स महंगे पड़ रहे हैं और उद्योगों के लिए लागत नियंत्रण चुनौती बन गया है।
केमिकल उद्योग और घरेलू उत्पाद महंगे
केमिकल उद्योग पर भी युद्ध के प्रभाव स्पष्ट हैं। गैस आधारित रसायन जैसे अमोनिया और सोडा ऐस महंगे हो गए हैं। इसका असर डिटर्जेंट, साबुन और बर्तन धोने वाले पाउडर की कीमतों पर पड़ा है। मध्यप्रदेश के लोग अब महंगे घरेलू उत्पाद खरीदने को मजबूर हैं। पेट्रोकेमिकल से बनने वाला प्लास्टिक भी महंगा हो गया है। प्लास्टिक फर्नीचर और फुटवेयर की कीमतें दोगुनी हो गई हैं, जिससे आम नागरिकों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ा है।
मकान निर्माण की लागत बढ़ी
कांच, टाइल्स, प्लास्टिक और केबल महंगे होने से मकान निर्माण की लागत बढ़ गई है। घर बनाने वाले और उद्योग दोनों को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ रहा है। इंदौर, भोपाल और रीवा में निर्माण परियोजनाओं की लागत बढ़ी है। आने वाले महीनों में महंगाई का असर और स्पष्ट दिखाई देगा। मध्यप्रदेश के आम नागरिकों के बजट पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा और उद्योगों को उत्पादन लागत संभालने में चुनौती आएगी।
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Author: Vindhya Times
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