MP News : एमपी के सरकारी स्कूलों की हालत जर्जर, बच्चों की जान पर बन आई

MP News : एमपी के सरकारी स्कूलों की हालत जर्जर, बच्चों की जान पर बन आई

MP News : एमपी के सरकारी स्कूलों की हालत जर्जर, बच्चों की जान पर बन आई

MP News : मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था खस्ताहाल हो चुकी है, जहाँ सरकारी स्कूलों की इमारतें बदहाल स्थिति में हैं. छत और प्लास्टर गिरने जैसी घटनाएँ अब आम बात हो गई हैं, जो बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठा रही हैं. राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को अब तत्काल बड़े सुधार की ज़रूरत है.

सरकारी स्कूल बदहाली का शिकार

मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था का बुनियादी ढाँचा बुरी तरह से चरमरा गया है, और यह स्थिति बच्चों के जीवन के लिए एक गंभीर ख़तरा बन चुकी है. सरकारी स्कूलों के भवनों की हालत इतनी खस्ताहाल है कि लगभग हर हफ्ते कहीं न कहीं छत गिरने या प्लास्टर टूटने की घटनाएँ सामने आ रही हैं.

अभिभावकों में बढ़ा डर,हादसों का असर

हाल ही में राजस्थान में हुए स्कूलों से जुड़े हादसों के बाद, मध्य प्रदेश के अभिभावकों में भी डर का माहौल बन गया है. राज्य का शिक्षा का बुनियादी ढाँचा, जो कभी मज़बूत माना जाता था, अब अपनी सबसे जर्जर अवस्था में पहुँच चुका है और इस पर तत्काल ध्यान देने की सख़्त ज़रूरत है.

बजट ऊँट के मुँह में जीरा, स्कूल खस्ताहाल

मध्य प्रदेश सरकार ने आगामी 2025-26 के बजट में स्कूली शिक्षा के लिए ₹36,582 करोड़ का आवंटन किया है. लेकिन जानकारों का मानना है कि यह बजट जर्जर भवनों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त नहीं है.

राज्य में कुल 92,439 सरकारी स्कूल हैं, और इनमें से 5,600 भवन तो सरकार की ही नज़र में जर्जर हो चुके हैं. हालात इतने बुरे हैं कि 81,568 कक्षाओं की हालत भी खस्ताहाल है. खुद स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने विधानसभा में माना है कि कई स्कूलों की स्थिति बेहद खतरनाक हो चुकी है.

अति जर्जर भवन और सुविधाओं का अभाव

राज्य में जर्जर भवनों का सर्वे किया गया है, जिसमें 221 भवनों को अति जर्जर की श्रेणी में रखा गया है. इनमें से ज़्यादातर भवन 1986 से 1996 के बीच बने थे, और अब ये पूरी तरह से खस्ताहाल हो चुके हैं, जिससे छात्रों की जान को गंभीर खतरा है.

सरकार की अनदेखी और भविष्य का खतरा

सरकार ने इन जर्जर भवनों के सर्वे और मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. बजट में आवंटित राशि का एक बड़ा हिस्सा बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों के बुनियादी ढाँचे को सुधारने पर खर्च होना बेहद ज़रूरी है.अगर इस गंभीर समस्या पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो स्थिति और बिगड़ेगी, और छात्रों की जान को खतरा बढ़ता रहेगा.

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Vindhya Times
Author: Vindhya Times

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