Rewa News: रीवा में अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन सख्त, तीन कॉलोनाइजरों पर FIR के निर्देश
Rewa News: रीवा में बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने और बीहर नदी के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण के मामलों में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने तीन कॉलोनाइजरों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं और जांच के लिए 4 सदस्यीय टीम गठित की है।
बिना अनुमति कॉलोनी विकास पर कार्रवाई
रीवा जिले में अवैध कॉलोनी निर्माण और प्लॉट-फ्लैट बिक्री के मामलों में प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रतिभा पाल ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। इन मामलों में ‘शांति रॉयल स्टेट’ से जुड़े संचालक सहित तीन कॉलोनाइजरों को दोषी पाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करना कानून का उल्लंघन है और इस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बीहर नदी किनारे अवैध निर्माण का मामला
पहले मामले में मेसर्स शांति इंफ्रास्ट्रक्चर और शांति विलास इंफ्रा प्रोजेक्ट के संचालक उपेंद्र सिंह पर कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया कि बिना लाइसेंस लिए बीहर नदी के किनारे “शांति रॉयल स्टेट” कॉलोनी विकसित की गई। नदी के अपवाह क्षेत्र में मिट्टी और मलबा डालकर प्राकृतिक बहाव को बाधित करने की कोशिश भी की गई। यह कार्य एनजीटी के नियमों के विरुद्ध पाया गया और पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर उल्लंघन माना गया।
नालों के स्वरूप में बदलाव और अतिक्रमण
जांच के दौरान मढ़ी और करहिया क्षेत्र के नालों के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ भी सामने आई। आरोप है कि नालों को संकरा कर उनके प्रवाह को प्रभावित किया गया। इससे जल निकासी व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और बाढ़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। प्रशासन ने इसे गंभीर अतिक्रमण मानते हुए कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
करहिया क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग का खुलासा
दूसरे मामले में करहिया क्षेत्र में शाहीन बेगम और अमरीन अंसारी द्वारा अवैध प्लॉटिंग की गई। बिना लाइसेंस और विकास अनुमति के कॉलोनी निर्माण किया जा रहा था। सेटेलाइट इमेज के जरिए यह भी सामने आया कि कृषि भूमि बताकर जिन क्षेत्रों का उल्लेख किया गया, वहां मकान बनाए जा चुके हैं। इन निर्माणों पर भी बीहर नदी के बहाव क्षेत्र में हस्तक्षेप करने के आरोप लगे हैं।
सख्त कानूनी प्रावधान लागू
प्रशासन ने बताया कि कॉलोनी विकास नियम 2014 के तहत बिना अनुमति कॉलोनी बनाना अवैध है। मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 2013 की धारा 61-घ के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा भू-राजस्व संहिता 1959 के तहत दोषी पाए जाने पर 3 से 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। साथ ही आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों पर रोक लगे।
जांच के लिए टीम गठित
पूरे मामले की जांच के लिए 4 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इस टीम में एसडीएम हुजूर सहित नगर एवं ग्राम निवेश, लोक निर्माण और विद्युत यांत्रिकी विभाग के अधिकारी शामिल हैं। टीम को एक माह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही तहसीलदार को तीन दिन में भू-अभिलेख अपडेट करने और एक सप्ताह में कब्जा रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
यह भी पढ़ें: Rewa News: रीवा में TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का विरोध, कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन
Author: Vindhya Times
विन्ध्या टाइम्स वेब बेस्ड न्यूज़ चैनल है जो विन्ध्य क्षेत्र में एक सार्थक,सकारात्मक और प्रभावी रिसर्च बेस्ड पत्रकारिता के लिए अपनी जाना जाता है.चैनल के माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन, न्यूज़ स्टोरी, डाक्यूमेंट्री फिल्म के साथ-साथ विन्ध्य क्षेत्र और मप्र. की ख़बरों को प्रसारित किया जाता है. विन्ध्य क्षेत्र की राजनीति, युवा, सांस्कृतिक, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कल्चर, फ़ूड, और अन्य क्षेत्र में एक मजबूत पत्रकारिता चैनल का उद्देश्य है. विन्ध्या टाइम्स न्यूज़ चैनल की ख़बरों को आप चैनल की वेबसाइट-www.vindhyatimes.in एवं एंड्राइड बेस्ड एप्लीकेशन के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही साथ फेसबुक पेज- https://www.facebook.com/vindhyatimesnews और ट्वीटर में -@vindhyatimes से भी आप ख़बरों को पढ़ सकते हैं. जुड़े रहिये हमारे साथ |









