Satna News: सतना में पद्मश्री से सम्मानित डॉ. बी.के. जैन का 72 वर्ष की आयु में निधन

Satna News: सतना में पद्मश्री से सम्मानित डॉ. बी.के. जैन का 72 वर्ष की आयु में निधन

Satna News: सतना में पद्मश्री से सम्मानित डॉ. बी.के. जैन का 72 वर्ष की आयु में निधन

Satna News: चित्रकूट में जनसेवा की पहचान बने पद्मश्री सम्मानित नेत्र चिकित्सक डॉ. बी.के. जैन का शुक्रवार शाम 4:24 बजे 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने जानकी कुंड चिकित्सालय में अंतिम सांस ली। उनके देहावसान की पुष्टि श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट परिवार की ओर से की गई।

बताया गया कि वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और मुंबई में उनका उपचार चल रहा था। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें चित्रकूट लाया गया, जहां चिकित्सकीय देखरेख के दौरान उनका निधन हो गया। उनके जाने से पूरे क्षेत्र में शोक का वातावरण है।

नेत्र सेवा को बनाया जीवन का लक्ष्य

डॉ. जैन लंबे समय तक श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट से जुड़े रहे और जानकीकुंड नेत्र चिकित्सालय के ट्रस्टी एवं संस्थापक निदेशक के रूप में कार्य करते रहे। उनके नेतृत्व में चित्रकूट का नेत्र चिकित्सालय देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में सफल हुआ। उन्होंने 1970 के दशक में ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र चित्रकूट में नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रारंभ कीं। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके संकल्प और दूरदर्शिता ने इस संस्थान को एक मॉडल के रूप में स्थापित किया।

लाखों लोगों तक पहुंची रोशनी

उनके मार्गदर्शन में हर वर्ष लगभग 1.55 लाख से अधिक नेत्र ऑपरेशन किए जाते रहे और 17 लाख से ज्यादा मरीजों को उपचार का लाभ मिला। उन्होंने 4500 से अधिक सामुदायिक नेत्र शिविर आयोजित कर ग्रामीण क्षेत्रों में उपचार की पहुंच सुनिश्चित की। पन्ना, सतना, बांदा, हमीरपुर और फतेहपुर जैसे जिलों में मोतियाबिंद उन्मूलन अभियान को गति देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में 130 प्राथमिक नेत्र जांच केंद्रों की स्थापना भी उनकी पहल का परिणाम थी, जिससे समय पर जांच और उपचार संभव हो सका।

पद्मश्री से सम्मानित

डॉ. बुधेंद्र कुमार जैन को चिकित्सा (नेत्र देखभाल) के क्षेत्र में पांच दशकों से अधिक समय तक दिए गए योगदान के लिए 26 जनवरी 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया था। उसी वर्ष उन्हें ‘डॉक्टर ऑफ लिटरेचर’ की मानद उपाधि से भी सम्मानित किया गया।

शिक्षा और प्रारंभिक जीवन

मध्यप्रदेश के सतना जिले में जन्मे डॉ. जैन ने प्रारंभिक शिक्षा सतना में प्राप्त की। वर्ष 1973 में रीवा से एमबीबीएस तथा 1979 में मुंबई से नेत्र रोग में स्नातकोत्तर उपाधि हासिल की। शहरी क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध होने के बावजूद उन्होंने ग्रामीण भारत की सेवा को प्राथमिकता दी और चित्रकूट को कर्मभूमि बनाया।

समाज के लिए प्रेरणा

डॉ. जैन स्वामी रणछोड़ दास जी महाराज के मार्गदर्शन से प्रेरित थे और उन्होंने गरीबों, संत समाज तथा जरूरतमंद मरीजों की सेवा को अपना जीवन समर्पित किया। उनका पद्मश्री सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि गांव-गरीब तक सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के संकल्प की पहचान था।

उनके निधन से चित्रकूट सहित पूरे क्षेत्र ने एक समर्पित चिकित्सक, समाजसेवी और दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता को खो दिया है।

यह भी पढ़ें: Sidhi News: सीधी के रामपुर नैकिन में खुले में मांस बिक्री के खिलाफ प्रदर्शन, नगर परिषद को सौंपा ज्ञापन

Vindhya Times
Author: Vindhya Times

विन्ध्या टाइम्स वेब बेस्ड न्यूज़ चैनल है जो विन्ध्य क्षेत्र में एक सार्थक,सकारात्मक और प्रभावी रिसर्च बेस्ड पत्रकारिता के लिए अपनी जाना जाता है.चैनल के माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन, न्यूज़ स्टोरी, डाक्यूमेंट्री फिल्म के साथ-साथ विन्ध्य क्षेत्र और मप्र. की ख़बरों को प्रसारित किया जाता है. विन्ध्य क्षेत्र की राजनीति, युवा, सांस्कृतिक, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कल्चर, फ़ूड, और अन्य क्षेत्र में एक मजबूत पत्रकारिता चैनल का उद्देश्य है. विन्ध्या टाइम्स न्यूज़ चैनल की ख़बरों को आप चैनल की वेबसाइट-www.vindhyatimes.in एवं एंड्राइड बेस्ड एप्लीकेशन के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही साथ फेसबुक पेज- https://www.facebook.com/vindhyatimesnews और ट्वीटर में -@vindhyatimes से भी आप ख़बरों को पढ़ सकते हैं. जुड़े रहिये हमारे साथ |

Leave a Comment

और पढ़ें