Rewa News: जच्चा-बच्चा की मौत पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उठे सवाल, अस्पताल रिकॉर्ड भी नहीं मिला
Rewa News: रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के मामले में गुरुवार शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई. दोनों की मौत का अंतिम कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हुआ है. कल्पना की रिपोर्ट में हिस्टोपैथोलॉजी, इलाज और जांच से जुड़े पूरे रिकॉर्ड मिलने के बाद अंतिम राय देने की बात कही गई है. नवजात की रिपोर्ट में भी मौत का कारण सुरक्षित रखा गया है. खास बात यह है कि दोनों रिपोर्ट में अस्पताल का रिकॉर्ड ‘Not Provided’ दर्ज है.
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कल्पना के शरीर में सी-सेक्शन के निशान मिले
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार 22 वर्षीय कल्पना का सी-सेक्शन हुआ था. पेट पर करीब 13 सेंटीमीटर लंबा ऑपरेशन का घाव और गर्भाशय पर भी करीब 13 सेंटीमीटर का LSCS घाव पाया गया. रिपोर्ट में घाव में फटाव, बड़ा हेमेटोमा या टांके खुलने जैसी स्थिति नहीं मिली. पेल्विक कैविटी में करीब 20 मिलीलीटर खून मिला हुआ तरल मौजूद था और गर्भाशय का वजन 1028 ग्राम दर्ज किया गया. फेफड़ों और मस्तिष्क में कंजेशन, सूजन और कैपिलरी लीकेज जैसे बदलाव भी दर्ज किए गए हैं.
हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट के बाद मिलेगी अंतिम राय
पोस्टमार्टम बोर्ड ने इन सभी निष्कर्षों को मौत का अंतिम कारण नहीं माना है. रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि मौत की वजह हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट, इलाज से जुड़े दस्तावेज और अन्य जांच रिकॉर्ड मिलने के बाद तय की जाएगी. इसके लिए फेफड़े, दिमाग, हृदय, किडनी, लीवर और प्लीहा के नमूने सुरक्षित रखे गए हैं. ऐसे में अभी यह कहना संभव नहीं है कि कल्पना की मौत ऑपरेशन, किसी बीमारी, जटिलता या इलाज के दौरान किसी अन्य कारण से हुई.
नवजात की रिपोर्ट में भी अहम निष्कर्ष
नवजात बेटे का वजन 3.851 किलो और लंबाई 50 सेंटीमीटर दर्ज की गई है. रिपोर्ट में सिर के ऊपर प्रसव के दौरान होने वाली सूजन और कुछ हिस्सों में त्वचा के नीचे रक्त जमा होने जैसे बदलाव मिले हैं, जबकि खोपड़ी सुरक्षित पाई गई. दोनों फेफड़ों में हवा के बुलबुले मिले और फेफड़ों के पानी में तैरने का उल्लेख भी रिपोर्ट में है. हालांकि इन निष्कर्षों के आधार पर अकेले यह तय नहीं किया जा सकता कि बच्चे की मौत किस वजह से हुई या वह कितनी देर जीवित रहा.
अस्पताल रिकॉर्ड नहीं मिलने से बढ़े सवाल
दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अस्पताल का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने की बात दर्ज होना जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है. अब ऑपरेशन से लेकर मौत तक की पूरी जानकारी के लिए OT नोट्स, एनेस्थीसिया रिकॉर्ड, केस शीट, दवा चार्ट, नर्सिंग नोट्स, डिलीवरी रिकॉर्ड और नवजात के इलाज से जुड़े दस्तावेजों की जरूरत होगी. मामले में पहले ही डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर कार्रवाई की जा चुकी है और जांच समिति भी गठित है. फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इलाज में लापरवाही साबित नहीं होती, लेकिन अंतिम रिपोर्ट और अस्पताल के रिकॉर्ड से ही मां और बच्चे की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी.
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Author: Vindhya Times
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