Rewa News: रीवा में 75 साल पुरानी चौरसिया बिल्डिंग ढहाई गई, जर्जर हिस्से से बढ़ा था खतरा

Rewa News: रीवा में 75 साल पुरानी चौरसिया बिल्डिंग ढहाई गई, जर्जर हिस्से से बढ़ा था खतरा

Rewa News: रीवा में 75 साल पुरानी चौरसिया बिल्डिंग ढहाई गई, जर्जर हिस्से से बढ़ा था खतरा

Rewa News: रीवा शहर की करीब 75 साल पुरानी चौरसिया बिल्डिंग को नगर निगम ने सोमवार को गिरा दिया. लगातार बारिश के चलते इमारत का एक हिस्सा कमजोर हो गया था और छज्जे का हिस्सा टूटकर गिर चुका था. इससे आसपास रहने वाले लोगों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए खतरा बढ़ गया था. राहत की बात रही कि छज्जा गिरने की घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई.

बारिश से और बिगड़ी हालत

लगातार हो रही बारिश के कारण पुरानी इमारत की स्थिति और खराब होती जा रही थी. भवन का हिस्सा गिरने के बाद आसपास के लोगों में भी चिंता बढ़ गई थी. संभावित दुर्घटना को देखते हुए भवन मालिक की ओर से नगर निगम को आवेदन देकर जर्जर इमारत को हटाने की मांग की गई थी. इसके बाद प्रशासन और नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया.

निरीक्षण के बाद गिराई गई बिल्डिंग

नायब तहसीलदार यतीश शुक्ला के अनुसार, इमारत काफी पुरानी और जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी थी. बारिश के कारण छज्जे का एक हिस्सा गिर गया था, जिसके बाद किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए कार्रवाई जरूरी हो गई थी. प्रशासनिक निरीक्षण के बाद सोमवार को नगर निगम की टीम ने भवन को गिराने की कार्रवाई शुरू की. इस दौरान आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए.

शहर के इतिहास से जुड़ी थी इमारत

चौरसिया बिल्डिंग करीब 75 वर्षों से रीवा शहर की पहचान और इतिहास का हिस्सा रही थी. पुरानी इमारत के पूरी तरह हट जाने के बाद एक तरफ संभावित हादसे का खतरा टल गया, वहीं दूसरी तरफ शहरवासियों के बीच इससे जुड़ी पुरानी यादें भी चर्चा में हैं. लंबे समय से खड़ी इस इमारत को रीवा के पुराने शहर की विरासत के तौर पर भी देखा जाता रहा है.

अन्य जर्जर भवनों पर भी उठे सवाल

नगर निगम की कार्रवाई के बाद शहर में मौजूद दूसरे पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. बारिश के मौसम में कमजोर इमारतों से हादसे का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में जरूरत है कि प्रशासन और नगर निगम समय-समय पर जर्जर भवनों का निरीक्षण करें और खतरनाक स्थिति वाले भवनों पर समय रहते कार्रवाई करें, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके.

यह भी पढ़ें : Rewa News: रीवा के अमवा गांव में रास्ते और जल निकासी की मांग, ग्रामीणों ने शुरू किया आमरण अनशन

Vindhya Times
Author: Vindhya Times

विन्ध्या टाइम्स वेब बेस्ड न्यूज़ चैनल है जो विन्ध्य क्षेत्र में एक सार्थक,सकारात्मक और प्रभावी रिसर्च बेस्ड पत्रकारिता के लिए अपनी जाना जाता है.चैनल के माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन, न्यूज़ स्टोरी, डाक्यूमेंट्री फिल्म के साथ-साथ विन्ध्य क्षेत्र और मप्र. की ख़बरों को प्रसारित किया जाता है. विन्ध्य क्षेत्र की राजनीति, युवा, सांस्कृतिक, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कल्चर, फ़ूड, और अन्य क्षेत्र में एक मजबूत पत्रकारिता चैनल का उद्देश्य है. विन्ध्या टाइम्स न्यूज़ चैनल की ख़बरों को आप चैनल की वेबसाइट-www.vindhyatimes.in एवं एंड्राइड बेस्ड एप्लीकेशन के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही साथ फेसबुक पेज- https://www.facebook.com/vindhyatimesnews और ट्वीटर में -@vindhyatimes से भी आप ख़बरों को पढ़ सकते हैं. जुड़े रहिये हमारे साथ |

Leave a Comment

और पढ़ें