MP News: स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को बड़ी सौगात: प्रॉपर्टी कार्ड पर मिलेगा लोन, रजिस्ट्री का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
MP News: मध्यप्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन सर्वे से तैयार किए गए प्रॉपर्टी कार्ड अब सिर्फ संपत्ति के दस्तावेज नहीं रहेंगे, बल्कि इनके आधार पर ग्रामीण बैंक से ऋण भी प्राप्त कर सकेंगे। सरकार इन संपत्तियों की रजिस्ट्री अपने खर्च पर कराएगी, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का रास्ता खुलेगा।
अब बैंक में मान्य होंगे प्रॉपर्टी कार्ड
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को दिए गए अधिकार अभिलेखों को लेकर बैंकिंग व्यवस्था में कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतें सामने आ रही थीं। कई बैंक इन दस्तावेजों को ऋण स्वीकृति के लिए पर्याप्त नहीं मान रहे थे, सरकार का मानना है कि दस्तावेजों का पंजीयन होने के बाद उनकी वैधानिक स्थिति मजबूत होगी और बैंक इन्हें आसानी से स्वीकार कर सकेंगे। इससे ग्रामीण परिवार कृषि, व्यापार, स्वरोजगार और अन्य जरूरतों के लिए आसानी से ऋण ले पाएंगे।

रजिस्ट्री के लिए नहीं देना होगा कोई शुल्क
राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि स्वामित्व योजना के तहत जारी किए गए और भविष्य में जारी होने वाले सभी अधिकार अभिलेखों का पंजीयन सरकार अपने खर्च पर कराएगी, हितग्राहियों को रजिस्ट्री के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क में भी राहत देने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
मालिकाना हक का मिलेगा मजबूत प्रमाण
ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में रहने वाले कई लोगों के पास वर्षों से अपनी जमीन और मकान के स्पष्ट कानूनी दस्तावेज नहीं थे। स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन सर्वे कर संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया गया और लोगों को अधिकार अभिलेख दिए गए, अब इन दस्तावेजों के पंजीयन के बाद संपत्ति का स्वामित्व और अधिक प्रमाणिक माना जाएगा। इससे भविष्य में भूमि और मकान से जुड़े विवाद कम होने तथा संपत्ति का हस्तांतरण आसान होने की संभावना है।
गांवों की अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल
सरकार का मानना है कि वैधानिक रूप से मजबूत संपत्ति दस्तावेज मिलने के बाद ग्रामीण अपनी संपत्ति को आर्थिक संसाधन के रूप में उपयोग कर सकेंगे, इससे छोटे उद्योग, कृषि आधारित व्यवसाय, स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमों को वित्तीय सहायता मिलने का रास्ता खुलेगा। बैंकिंग प्रणाली से जुड़ाव बढ़ने के साथ गांवों की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की उम्मीद है।
जनजागरूकता अभियान पर भी खर्च होंगे करोड़ों
योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकार व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएगी। इसके लिए राज्य स्तर पर 10 करोड़ रुपए तक और आवश्यकता पड़ने पर प्रत्येक जिले में 2.5 करोड़ रुपए तक खर्च किए जा सकेंगे।
96% पूरा हुआ योजना का काम
मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत 55 जिलों के 42,055 गांवों में सर्वे का कार्य चल रहा है। इनमें से 40,536 गांवों में सर्वे पूरा हो चुका है, अब तक करीब 65.93 लाख संपत्तियों के दस्तावेज तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें से 46.80 लाख हितग्राहियों को वितरित किए जा चुके हैं। लगभग 19.12 लाख दस्तावेजों का वितरण अभी बाकी है। सरकार का अनुमान है कि इन सभी दस्तावेजों के पंजीयन पर करीब 3,800 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
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Author: Vindhya Times
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