Rewa News: मानसून की सुस्ती से रीवा में धान की फसल प्रभावित, किसानों ने अच्छी बारिश की जताई उम्मीद

Rewa News: मानसून की सुस्ती से रीवा में धान की फसल प्रभावित, किसानों ने अच्छी बारिश की जताई उम्मीद

Rewa News: मानसून की सुस्ती से रीवा में धान की फसल प्रभावित, किसानों ने अच्छी बारिश की जताई उम्मीद

Rewa News: रीवा जिले में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से खरीफ सीजन की धान की फसल पर संकट गहराने लगा है. लगातार पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है. कई इलाकों में मिट्टी में दरारें पड़ने लगी हैं और धान की फसल की बढ़वार प्रभावित हो रही है. सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने से कई किसान पूरी तरह मानसून पर निर्भर हैं.

सूखने लगे खेत, पीली पड़ रही धान की फसल

समय पर धान की रोपाई होने के बावजूद बारिश की कमी का असर अब खेतों में साफ दिखाई देने लगा है. कई जगह धान के पौधे पीले पड़ रहे हैं, जबकि कुछ खेतों में उनकी बढ़वार लगभग रुक गई है. लगातार घटती नमी के कारण किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है.

अच्छी बारिश से मिल सकती है राहत

अच्छी बारिश से मिल सकती है राहत

किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है, तो धान की फसल को काफी हद तक बचाया जा सकता है. बारिश होने से खेतों में नमी लौटेगी और फसल की सामान्य बढ़वार फिर शुरू हो सकेगी. हालांकि यदि बारिश में अधिक देरी हुई, तो उत्पादन घटने और आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ जाएगी.

कृषि वैज्ञानिक ने दी फसल विविधीकरण की सलाह

कृषि वैज्ञानिक डॉ. गुफरान उस्मानी ने किसानों को केवल धान पर निर्भर नहीं रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में वर्षा कम हो रही है, वहां स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार दलहन, तिलहन और कम पानी में तैयार होने वाली अन्य फसलों की खेती पर भी विचार करना चाहिए. उन्होंने खेतों में नमी संरक्षण, मेड़ों की मजबूती और उपलब्ध सिंचाई संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया.

किसानों ने बताई अपनी परेशानी

ग्राम करहिया के किसान राजेश पटेल ने बताया कि धान की रोपाई समय पर कर दी गई थी, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेत सूखने लगे हैं. वहीं ग्राम हिनौता के किसान रामकिशोर साकेत ने कहा कि लगातार बारिश नहीं होने से धान की बढ़वार रुक गई है और यदि जल्द अच्छी वर्षा नहीं हुई तो उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है, कृषि विभाग ने किसानों से मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार खेती करने की अपील की है. विभाग का कहना है कि बदलते मौसम के बीच उचित कृषि प्रबंधन, नमी संरक्षण और उपलब्ध सिंचाई संसाधनों का सही उपयोग कर संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें : Rewa News: रीवा के करहिया में बिजली का फेज बदलना पड़ा भारी, करंट लगने से युवक की मौत

Vindhya Times
Author: Vindhya Times

विन्ध्या टाइम्स वेब बेस्ड न्यूज़ चैनल है जो विन्ध्य क्षेत्र में एक सार्थक,सकारात्मक और प्रभावी रिसर्च बेस्ड पत्रकारिता के लिए अपनी जाना जाता है.चैनल के माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन, न्यूज़ स्टोरी, डाक्यूमेंट्री फिल्म के साथ-साथ विन्ध्य क्षेत्र और मप्र. की ख़बरों को प्रसारित किया जाता है. विन्ध्य क्षेत्र की राजनीति, युवा, सांस्कृतिक, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कल्चर, फ़ूड, और अन्य क्षेत्र में एक मजबूत पत्रकारिता चैनल का उद्देश्य है. विन्ध्या टाइम्स न्यूज़ चैनल की ख़बरों को आप चैनल की वेबसाइट-www.vindhyatimes.in एवं एंड्राइड बेस्ड एप्लीकेशन के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही साथ फेसबुक पेज- https://www.facebook.com/vindhyatimesnews और ट्वीटर में -@vindhyatimes से भी आप ख़बरों को पढ़ सकते हैं. जुड़े रहिये हमारे साथ |

Leave a Comment

और पढ़ें