Rewa News: जिस कंपनी पर पहले हुई कार्रवाई, उसी को फिर मिला जिला अस्पताल में मैनपावर का ठेका

Rewa News: जिस कंपनी पर पहले हुई कार्रवाई, उसी को फिर मिला जिला अस्पताल में मैनपावर का ठेका

Rewa News: जिस कंपनी पर पहले हुई कार्रवाई, उसी को फिर मिला जिला अस्पताल में मैनपावर का ठेका

Rewa News: रीवा के कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल में मैनपावर सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं. जिस प्रथम नेशनल सिक्यूरिटी कंपनी को आउटसोर्स कर्मचारियों की जिम्मेदारी दी गई है, उस पर पहले भी कर्मचारियों से जुड़ी EPF और ESIC राशि को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ चुकी हैं. इसी मामले में कंपनी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई थी, लेकिन अब दोबारा ठेका मिलने से अस्पताल की व्यवस्था और टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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कर्मचारियों ने की थी शिकायत

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022-23 में जिला अस्पताल में सफाई और सुरक्षा व्यवस्था का आउटसोर्स ठेका प्रथम नेशनल कंपनी को दिया गया था. इस दौरान कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि उनके EPF और ESIC से संबंधित राशि का भुगतान नहीं किया गया. कर्मचारियों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत की और भुगतान की मांग को लेकर विरोध भी किया था. मामले के बाद तत्कालीन CMHO डॉ. संजीव शुक्ला ने 12 फरवरी 2024 को कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक से की थी.

ठेका निरस्त हुआ, फिर वापसी कैसे हुई

शिकायतों के बाद कंपनी का पिछला ठेका निरस्त किए जाने की बात सामने आई थी. अब उसी कंपनी को दोबारा जिला अस्पताल में मैनपावर सेवाओं की जिम्मेदारी मिलने से प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं. पूरे मामले में सिविल सर्जन डॉ. प्रतिभा मिश्रा और क्रय समिति की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं. हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों या कंपनी का पक्ष सामने आना बाकी है.

राजगढ़ के मामले का भी दिया जा रहा उदाहरण

कंपनी से जुड़ा एक मामला राजगढ़ जिला अस्पताल में भी सामने आने का दावा किया जा रहा है. आरोप है कि वहां कर्मचारियों की नियुक्ति और भुगतान को लेकर अनियमितताएं हुई थीं, जिसके बाद पुलिस में कंपनी के मैनेजर और प्रोपराइटर के खिलाफ मामला दर्ज हुआ. जांच में करीब डेढ़ करोड़ रुपए की कथित गड़बड़ी सामने आने की बात कही गई थी. रीवा के मामले में भी इसी तरह की जांच की मांग उठाई जा रही है.

फर्जी भुगतान पत्रक को लेकर आरोप

रीवा जिला अस्पताल से जुड़े पुराने मामले में कंपनी पर कर्मचारियों के EPF और ESIC भुगतान का कथित फर्जी रिकॉर्ड लगाकर बिल पास कराने का आरोप भी लगाया गया था. बाद में कर्मचारियों की शिकायत सामने आने के बाद मामला विवादों में आया और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गई. अब कंपनी को फिर से ठेका मिलने के बाद सवाल यह है कि पिछली कार्रवाई और शिकायतों की समीक्षा किस स्तर पर हुई. पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

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Author: Vindhya Times

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