MP News: भोपाल में शक्कर के बढ़ते दाम से बढ़ी चिंता, व्यापारियों ने जमाखोरी और सट्टेबाजी पर उठाए सवाल

MP News: भोपाल में शक्कर के बढ़ते दाम से बढ़ी चिंता, व्यापारियों ने जमाखोरी और सट्टेबाजी पर उठाए सवाल

MP News: भोपाल में शक्कर के बढ़ते दाम से बढ़ी चिंता, व्यापारियों ने जमाखोरी और सट्टेबाजी पर उठाए सवाल

MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शक्कर के दाम तेजी से बढ़ते हुए 66 से 67 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं. कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर आम उपभोक्ताओं के साथ किराना और अन्य कारोबारियों पर भी पड़ रहा है. व्यापारियों का कहना है कि खुदरा बाजार में शक्कर इससे भी ज्यादा कीमत पर बिक रही है. लगातार बढ़ते भाव को देखते हुए आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

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सिर्फ मांग और आपूर्ति को वजह मानना मुश्किल

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार शक्कर की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. व्यापारियों का कहना है कि इस बढ़ोतरी के पीछे केवल मांग और आपूर्ति को जिम्मेदार मानना पर्याप्त नहीं होगा. बाजार में सटोरियों की सक्रियता और भविष्य में शक्कर के और महंगे होने की चर्चाओं ने भी स्थिति को प्रभावित किया है. कारोबारियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि वास्तविक स्टॉक, मिलों से आने वाली सप्लाई और रोजाना की खपत के मुकाबले कीमतों में इतनी तेजी आखिर क्यों दिखाई दे रही है.

महंगे दाम का सीधा असर उपभोक्ताओं पर

व्यापारियों का कहना है कि शक्कर जैसी जरूरी खाद्य वस्तु के दाम यदि वास्तविक खरीद-बिक्री के बजाय भविष्य में कीमत बढ़ने की उम्मीद के आधार पर तय होने लगें, तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है. कारोबारियों को आशंका है कि कहीं कुछ बड़े व्यापारी या सटोरिए बड़ी मात्रा में शक्कर रोककर बाजार में कृत्रिम कमी पैदा तो नहीं कर रहे. यदि ऐसा हो रहा है, तो बाद में अधिक कीमत पर माल बेचने की कोशिश से बाजार में दाम और बढ़ सकते हैं.

स्टॉक की जांच की उठी मांग

कारोबारियों ने सरकार से चीनी मिलों, बड़े स्टॉकिस्टों, थोक मंडियों और बड़े व्यापारियों के पास मौजूद शक्कर के स्टॉक की जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि बाजार में वास्तविक रूप से कितना माल उपलब्ध है और कहीं बड़े स्तर पर स्टॉक रोककर तो नहीं रखा गया है. कीमतों में तेजी का असर केवल उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ता, बल्कि ईमानदारी से कारोबार करने वाले थोक और खुदरा व्यापारियों की लागत और व्यापारिक व्यवस्था पर भी इसका दबाव बढ़ता है.

सरकार रखे रोजाना बाजार पर नजर

व्यापारियों का कहना है कि सरकार और संबंधित विभाग को शक्कर बाजार की कीमतों और स्टॉक की नियमित निगरानी करनी चाहिए. बड़े स्टॉक रखने वालों का रिकॉर्ड जांचने के साथ असामान्य खरीद और अचानक बढ़े स्टॉक पर भी नजर रखी जानी चाहिए. कारोबारियों के मुताबिक यदि समय रहते निगरानी और जांच की जाए, तो जमाखोरी, कालाबाजारी और सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है. साथ ही यदि जांच में गड़बड़ी सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी जरूरी है.

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Author: Vindhya Times

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