MP News: मध्य प्रदेश पुलिस में प्रमोशन की प्रक्रिया तेज, 128 पुलिसकर्मियों के सेवा रिकॉर्ड भेजने के निर्देश
MP News: मध्यप्रदेश पुलिस विभाग के भीतर लंबे समय से प्रतीक्षित पदोन्नति की प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ने लगी है, पुलिस मुख्यालय यानी पीएचक्यू की कार्मिक शाखा ने प्रदेश की सभी संबंधित इकाइयों को पत्र जारी कर पात्र पुलिसकर्मियों का सेवा रिकॉर्ड भेजने के कड़े निर्देश दिए हैं, अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कार्रवाई मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के अंतर्गत चयन वर्ष 2027 के लिए की जा रही है, विभाग के इस कदम से पुलिस महकमे में एक बार फिर से प्रमोशन की सुगबुगाहट तेज हो गई है और कर्मचारियों की नजरें आगे की औपचारिकताओं पर टिकी हुई हैं.

128 पुलिसकर्मियों के चयन
जारी निर्देशों के मुताबिक, इस चरण में कुल 128 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति का लाभ दिए जाने की तैयारी चल रही है, इन चयनित नामों में विभिन्न संवर्गों के कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें वरिष्ठ श्रेणी स्टेनोग्राफर के 13 नाम, कनिष्ठ श्रेणी स्टेनोग्राफर के 30 नाम, सूबेदार के 10 और उप निरीक्षक यानी एसआई के 20 नाम शामिल हैं, इसके अलावा सहायक उप निरीक्षक यानी एएसआई पदोन्नति के लिए सबसे बड़ा हिस्सा तय किया गया है, जिसके तहत कुल 55 नाम चयनित किए गए हैं, जो कुल 128 नामों का लगभग 43 प्रतिशत हिस्सा है यानी हर 10 में से लगभग 4 नाम इसी संवर्ग से ताल्लुक रखते हैं.

सेवा विवरण भेजने की अंतिम तिथि
पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि वे कर्मचारियों का पूरा सेवा विवरण यानी सर्विस रिकॉर्ड तय प्रारूप में भरकर जल्द से जल्द भेजें, इसके लिए 16 अक्टूबर तक की समयसीमा तय की गई है, मांगी गई जानकारियों में कर्मचारी का नाम, जन्मतिथि, गृह जिला, शैक्षणिक योग्यता, वर्तमान पद, नियुक्ति की तारीख, भर्ती के समय का संवर्ग, वरिष्ठता सूची में स्थान और पूर्व में मिले प्रमोशन का पूरा ब्योरा शामिल है, इसके अलावा कर्मचारियों द्वारा लिए गए विभिन्न विभागीय प्रशिक्षणों का रिकॉर्ड भी मांगा गया है, ताकि वरिष्ठता और सेवा शर्तों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके.
विभागीय जांच और निलंबन के रिकॉर्ड की भी होगी जांच
प्रमोशन प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा कर्मचारियों की वरिष्ठता के साथ-साथ उनके पूरे सर्विस रिकॉर्ड की सूक्ष्मता से जांच की जाएगी, इसके तहत यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ कोई विभागीय जांच लंबित है या वह अपने सेवाकाल के दौरान कभी निलंबित रहा है, तो इसकी स्पष्ट जानकारी भी देनी होगी, इसके अलावा किसी भी प्रकार के अभियोजन के लंबित होने की स्थिति को भी रिकॉर्ड में शामिल करना अनिवार्य किया गया है, इन सभी दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही मुख्यालय स्तर पर नियमों के अनुरूप आगे की कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जाएगा.
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Author: Vindhya Times
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