Rewa News: रीवा में 26 जनवरी 2027 तक पूरी होंगी नल-जल योजनाएं, तीन साल से अटके कामों की जांच के निर्देश
Rewa News: मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत संचालित नल-जल योजनाओं को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने सभी योजनाओं का काम 26 जनवरी 2027 तक अनिवार्य रूप से पूरा करने को कहा है. समीक्षा बैठक के दौरान तीन साल से नए निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही, पूरी हो चुकी योजनाओं को ग्राम पंचायतों को सौंपने और गांवों में घर-घर नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया.

तीन साल से काम शुरू नहीं होने पर होगी जिम्मेदारी तय
रीवा विधानसभा क्षेत्र की नल-जल योजनाओं की समीक्षा के लिए सर्किट हाउस में बैठक आयोजित की गई. बैठक में बताया गया कि 23 गांवों की विस्तारित नल-जल योजना को शासन ने 3 अक्टूबर 2023 को मंजूरी दी थी, लेकिन स्वीकृति मिलने के बाद भी नए निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सके. इस स्थिति पर उप मुख्यमंत्री ने गंभीर नाराजगी जताई. उन्होंने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिए कि योजनाओं का काम शुरू नहीं होने के कारणों की जांच की जाए और देरी के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए.
पूरी हो चुकी योजनाएं ग्राम पंचायतों को सौंपी जाएंगी
राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिए कि जिन गांवों में नल-जल योजनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, उन्हें जल्द से जल्द ग्राम पंचायतों को सौंपा जाए. केवल निर्माण पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाओं का नियमित संचालन भी सुनिश्चित करना जरूरी है. इससे ग्रामीण परिवारों को घरों तक नल के माध्यम से स्वच्छ पानी मिल सकेगा और पेयजल आपूर्ति में होने वाली परेशानियों को दूर किया जा सकेगा.

बेहतर काम करने वाली पंचायतों को मिलेंगे पांच लाख रुपये
बैठक में उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की योजनाओं का बेहतर संचालन करने वाली ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने की घोषणा की. उन्होंने बताया कि रीवा विधानसभा क्षेत्र में अच्छा काम करने वाली प्रत्येक पात्र ग्राम पंचायत को विधायक निधि से पांच लाख रुपये तक की राशि दी जाएगी. इस पहल का उद्देश्य पंचायतों को नल-जल योजनाओं के संचालन और रखरखाव के प्रति जिम्मेदार बनाना है, ताकि ग्रामीणों को नियमित रूप से पानी मिल सके.
गर्भवती महिलाओं की जांच और कुपोषण दूर करने पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने सरपंचों को गांवों में स्वास्थ्य और पोषण संबंधी गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सरपंच अपने पंचायत क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित भ्रमण करें. गर्भवती महिलाओं की जरूरी जांच समय पर कराने, प्लेटलेट्स की जांच सुनिश्चित करने और बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं. बैठक में यह भी बताया गया कि किसी ग्राम पंचायत को कुपोषण मुक्त बनाने पर शासन की ओर से एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है.
एक सप्ताह में पंचायतों को देनी होगी नल-जल योजनाओं की सूची
समीक्षा बैठक के दौरान सरपंचों ने बताया कि निर्माण पूरा होने के बावजूद नल-जल योजनाओं के कनेक्शनों की सूची ग्राम पंचायतों को उपलब्ध नहीं कराई गई है. इस वजह से पंचायतों को घरों से जलकर वसूलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सृष्टि देशमुख ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरी हो चुकी नल-जल योजनाओं की सूची एक सप्ताह के भीतर संबंधित ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई जाए, बैठक में नई एसओआर दरों को लेकर भी चर्चा हुई. जानकारी दी गई कि 22 जून 2026 से नई एसओआर दरें लागू होने के बावजूद ग्रामीण विकास विभाग के उपयंत्रियों की ओर से अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई जा रही है. बैठक में योजनाओं को समय पर पूरा करने, निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं में तेजी लाने और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई.
हर घर से 100 रुपये जलकर वसूलने की व्यवस्था
नल-जल योजनाओं के संचालन और रखरखाव को व्यवस्थित करने के लिए ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी भी तय की गई है. नई व्यवस्था के अनुसार, प्रत्येक ग्राम पंचायत में पानी समिति का गठन किया जाएगा और सरपंच इसके अध्यक्ष होंगे. एकल नल-जल योजना के संचालन और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को निभानी होगी. इसके लिए प्रत्येक घर से 100 रुपये जलकर वसूलने की व्यवस्था बताई गई है, जिससे योजनाओं के नियमित संचालन और जरूरी रखरखाव के लिए राशि उपलब्ध हो सकेगी, बैठक में योजना प्रभारी राजेश पांडेय ने गांववार नल-जल योजनाओं की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की. इस दौरान जनपद पंचायत रीवा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी पूनम दुबे, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारी, उपयंत्री, 15 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव और ठेकेदार मौजूद रहे. उप मुख्यमंत्री ने योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और ग्रामीणों तक नियमित पेयजल पहुंचाने के लिए संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
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Author: Vindhya Times
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