Jashpur News: CM विष्णु देव साय ने मनाया ‘सरहुल’, साल वृक्ष की पूजा कर मांगी प्रदेश की खुशहाली

Jashpur News: CM विष्णु देव साय ने मनाया ‘सरहुल’, साल वृक्ष की पूजा कर मांगी प्रदेश की खुशहाली

Jashpur News: CM विष्णु देव साय ने मनाया ‘सरहुल’, साल वृक्ष की पूजा कर मांगी प्रदेश की खुशहाली

Jashpur News: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के दीपू बगीचा में आयोजित पारंपरिक सरहुल महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए, इस अवसर पर उन्होंने ‘रन फॉर नेचर’ और ‘रन फॉर कल्चर’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए सूर्य देव, धरती माता और पवित्र साल (सरई) वृक्ष की विधिवत पूजा-अर्चना की, परंपरा के अनुसार मुख्य पुजारी (बैगा) ने मुख्यमंत्री के कान में सरई का फूल खोंचकर उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया, मुख्यमंत्री ने कहा कि सरहुल केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति और जीवन के संतुलन का प्रतीक है.

सरहुल महोत्सव में CM विष्णु देव साय का बड़ा संदेश: जनजातीय संस्कृति हमारी  अमूल्य धरोहर - cm celebrates sarhul festival highlights tribal culture and  nature harmony-mobile

जनजातीय विरासत का संरक्षण

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हिंदू नववर्ष और सरहुल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उरांव समुदाय का यह प्रमुख पर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है, उन्होंने आश्वस्त किया कि, राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है, इस दौरान 100 से अधिक महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में सरहुल नृत्य प्रस्तुत कर पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया.

CM Sai Jashpur Sarhul Puja | Praying for Rain & Prosperity

जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला,
• 25 किश्तों में 16,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि महिलाओं के खातों में हस्तांतरित
• किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी
• लाखों परिवारों को पक्का घर देने की दिशा में तेजी
उन्होंने सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाले प्रयासों को सरकार की प्राथमिकता बताया.

सरहुल पर्व का महत्व

सरहुल पर्व चैत्र माह में मनाया जाता है और उरांव समुदाय के लिए नववर्ष के समान है,
• इसमें धरती माता और सूर्य देव के प्रतीकात्मक विवाह की परंपरा निभाई जाती है,
• सरना स्थलों पर सामूहिक पूजा होती है,
• घर-घर सरई फूल और पवित्र जल बांटकर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है,
सरहुल महोत्सव न केवल आस्था का पर्व है, बल्कि प्रकृति के प्रति आदर, सामूहिकता और सांस्कृतिक पहचान का भी सशक्त प्रतीक है.

यह भी पढ़ें : CG News: छत्तीसगढ़ का ‘रोजगार मॉडल’ अब झारखंड में, CM हेमंत सोरेन को सौंपी जाएगी ‘रोजगार और नियोजन’ पत्रिका

Vindhya Times
Author: Vindhya Times

विन्ध्या टाइम्स वेब बेस्ड न्यूज़ चैनल है जो विन्ध्य क्षेत्र में एक सार्थक,सकारात्मक और प्रभावी रिसर्च बेस्ड पत्रकारिता के लिए अपनी जाना जाता है.चैनल के माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन, न्यूज़ स्टोरी, डाक्यूमेंट्री फिल्म के साथ-साथ विन्ध्य क्षेत्र और मप्र. की ख़बरों को प्रसारित किया जाता है. विन्ध्य क्षेत्र की राजनीति, युवा, सांस्कृतिक, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कल्चर, फ़ूड, और अन्य क्षेत्र में एक मजबूत पत्रकारिता चैनल का उद्देश्य है. विन्ध्या टाइम्स न्यूज़ चैनल की ख़बरों को आप चैनल की वेबसाइट-www.vindhyatimes.in एवं एंड्राइड बेस्ड एप्लीकेशन के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही साथ फेसबुक पेज- https://www.facebook.com/vindhyatimesnews और ट्वीटर में -@vindhyatimes से भी आप ख़बरों को पढ़ सकते हैं. जुड़े रहिये हमारे साथ |

Leave a Comment

और पढ़ें