MP News: बिजली उत्पादन में MP की बड़ी छलांग, 32 हजार MW क्षमता, किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली की तैयारी
MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब बिजली की कमी वाले राज्यों की श्रेणी से निकलकर सरप्लस बिजली वाला प्रदेश बन चुका है. उन्होंने बताया कि 1956 में मध्यप्रदेश बनने से लेकर 2003 तक करीब 55 वर्षों में बिजली उत्पादन क्षमता में लगभग 5 हजार मेगावाट की वृद्धि हुई थी, जबकि पिछले करीब 20 वर्षों में क्षमता करीब 20 हजार मेगावाट बढ़ी है. मौजूदा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में ही करीब 2700 मेगावाट क्षमता जुड़ी है और प्रदेश की कुल विद्युत क्षमता लगभग 32 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है.
ग्रीन एनर्जी और पंप स्टोरेज पर सरकार का फोकस
रवीन्द्र भवन में अभियंता दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि पावर स्टेशनों तक करीब 7 हजार मेगावाट बिजली पहुंचाई जा रही है और मध्यप्रदेश से रेलवे को भी बिजली उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने बताया कि नीमच में पंप स्टोरेज आधारित ग्रीन एनर्जी परियोजना अगले दो-तीन महीनों में शुरू होने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री के मुताबिक नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश ने पिछले 12 वर्षों में करीब 25 गुना वृद्धि की है और अगले पांच वर्षों में भी इसी रफ्तार को बनाए रखने का लक्ष्य है.

निवेश और बढ़ती बिजली जरूरतों के लिए उत्पादन बढ़ेगा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से अब तक ऊर्जा क्षेत्र में करीब ₹9 लाख करोड़ के MOU हुए हैं. सरकार थर्मल और सोलर ऊर्जा के बेहतर समन्वय के साथ आगे बढ़ रही है. डाटा सेंटर जैसे बिजली आधारित क्षेत्रों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए भी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ऊर्जा उत्पादन में विस्तार कर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को गति दी जाएगी.
किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने की तैयारी
किसानों को बिजली आपूर्ति को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष के तहत सरकार दिन के समय पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है. अगले सीजन से किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली देने की तैयारी है. जिन क्षेत्रों में रात के समय बिजली की जरूरत होगी, वहां रात में भी आपूर्ति जारी रखने की व्यवस्था की जाएगी. सरकार का लक्ष्य खेती के काम को अधिक सुविधाजनक और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति से जोड़ना है.
भर्ती और प्रमोशन पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने बिजली कंपनियों के कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे हर मौसम में लगातार सेवाएं देते हैं. उन्होंने बताया कि करीब 20 वर्षों से लंबित फ्रिज बेनिफिट के समाधान के साथ कन्वेंस अलाउंस और अन्य भत्तों को रिवाइज करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसका लाभ 25 हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों को मिल रहा है. बिजली कंपनियों में लंबित तीन वेतनमान की समस्या का भी समाधान किया गया है. उन्होंने बताया कि 26 विभागों में 85 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है, जबकि करीब ढाई लाख लंबित प्रमोशन में से 1 लाख पदों की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है. साथ ही बिजली कंपनियों के कर्मचारियों के लिए कैशलेस बीमा और सोलर रूफटॉप की व्यवस्था शुरू करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में ऊर्जा क्षमता और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में पिछले दो दशकों की तुलना में कई गुना अधिक काम करने का लक्ष्य है.
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Author: Vindhya Times
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