MP News: MP में पंचायत सचिवों के तबादलों की नई गाइडलाइन जारी, 10 साल से एक पंचायत में पदस्थ सचिवों का ट्रांसफर तय

MP News: MP में पंचायत सचिवों के तबादलों की नई गाइडलाइन जारी, 10 साल से एक पंचायत में पदस्थ सचिवों का ट्रांसफर तय

MP News: MP में पंचायत सचिवों के तबादलों की नई गाइडलाइन जारी, 10 साल से एक पंचायत में पदस्थ सचिवों का ट्रांसफर तय

MP News: मध्य प्रदेश में तबादला सीजन के बीच पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायत सचिवों के स्थानांतरण को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। नई नीति के तहत अब कोई भी पंचायत सचिव अपने गृहग्राम या ससुराल की पंचायत में पदस्थ नहीं रह सकेगा। इसके अलावा जिन पंचायतों में सचिव के रिश्तेदार सरपंच या उपसरपंच चुने जाएंगे, वहां से भी उनका स्थानांतरण अनिवार्य होगा।

15 जून तक होंगे तबादले

9 जून को जारी आदेश के अनुसार जिले के भीतर पंचायत सचिवों के स्थानांतरण 15 जून तक किए जा सकेंगे। स्थानांतरण प्रस्ताव जिला कलेक्टर की अनुशंसा और प्रभारी मंत्री की स्वीकृति के बाद जारी होंगे। इसके बाद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आदेश जारी करेंगे, प्रदेश में वर्तमान में 23 हजार से अधिक पंचायत सचिव कार्यरत हैं, जिन पर यह नई नीति लागू होगी।

मंत्रालय में बैठक (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar

सरकार ने क्यों जोड़ी नई शर्तें?

विभाग के अनुसार वर्ष 1994 से 1996 के बीच ग्राम सभाओं की अनुशंसा पर बड़ी संख्या में पंचायत कर्मियों की नियुक्ति हुई थी, जो वर्तमान में पंचायत सचिव के रूप में कार्यरत हैं, कई मामलों में सरपंच, उपसरपंच या अन्य जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार सचिव बने। जांच में यह भी सामने आया कि रिश्तेदारी और प्रभाव के कारण कई जगहों पर सरपंच और सचिव की मिलीभगत से वित्तीय अनियमितताएं और गड़बड़ियां हुईं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने नई तबादला नीति में सख्त प्रावधान जोड़े हैं।

इन मामलों में तबादला होगा अनिवार्य

नई गाइडलाइन के अनुसार निम्न परिस्थितियों में पंचायत सचिवों का स्थानांतरण अनिवार्य होगा
• सचिव का रिश्तेदार यदि संबंधित पंचायत का सरपंच या उपसरपंच हो।
• सचिव अपने पैतृक गांव या ससुराल की पंचायत में पदस्थ हो।
• जो सचिव एक ही पंचायत में 10 वर्ष या उससे अधिक समय से पदस्थ हैं।
• 10 साल से अधिक समय तक पदस्थ सचिवों में वरिष्ठता के आधार पर पहले सबसे लंबे समय से पदस्थ सचिव का तबादला किया जाएगा।

प्रतिबंध अवधि में भी हो सकेंगे तबादले

सरकार ने कुछ विशेष परिस्थितियों में स्थानांतरण प्रतिबंध अवधि के दौरान भी तबादले की अनुमति दी है।
इनमें शामिल हैं
• भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता के मामले।
• गंभीर शिकायतें और अनुशासनात्मक कार्रवाई।
• लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू या अन्य जांच एजेंसियों से जुड़े प्रकरण।
• शासन स्तर से प्राप्त विशेष प्रशासनिक निर्देश।
ऐसे मामलों में विभागीय मंत्री की स्वीकृति के बाद पंचायत राज संचालनालय द्वारा आदेश जारी किए जाएंगे।

महिला सचिवों को मिलेगी विशेष सुविधा

नई नीति में महिला पंचायत सचिवों को अंतरजिला संविलियन (ट्रांसफर) की विशेष सुविधा दी गई है।
• विवाहित महिलाएं पति के जिले में आवेदन कर सकेंगी।
• विधवा और तलाकशुदा महिला सचिव माता-पिता के जिले में संविलियन मांग सकेंगी।
• अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त सचिव भी अपने मूल जिले में स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे।
हालांकि यह सुविधा केवल एक बार ही मिलेगी और संविलियन के बाद संबंधित सचिव का नाम वरिष्ठता सूची में सबसे नीचे रखा जाएगा, सरकार का मानना है कि नई तबादला नीति से पंचायतों में पारदर्शिता बढ़ेगी, रिश्तेदारी आधारित प्रभाव कम होगा और वित्तीय अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

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Author: Vindhya Times

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