MP News: देवकीनंदन ठाकुर के बेटे पर ट्रोलिंग को लेकर बोले धीरेंद्र शास्त्री, ‘कथावाचक का बेटा कथा कहे, इसमें आपत्ति क्यों?’
MP News: कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के बेटे देवांश ठाकुर को सोशल मीडिया पर ट्रोल किए जाने के मामले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि यदि डॉक्टर का बेटा डॉक्टर, किसान का बेटा किसान, पुलिसकर्मी का बेटा पुलिसकर्मी, नेता का बेटा नेता और अभिनेता का बेटा अभिनेता बन सकता है, तो कथावाचक का बेटा कथावाचक बने, इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.

तिरुपति में कथा के दौरान दिया संदेश
दक्षिण भारत के तिरुपति बालाजी में आयोजित तीन दिवसीय कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू समाज से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती आपसी विरोध है और सभी को एक-दूसरे का सम्मान करते हुए सनातन परंपरा को मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए.
देवांश ने सार्वजनिक मंच से किया भागवत पाठ
देवकीनंदन ठाकुर के पुत्र देवांश ठाकुर ने हाल ही में गुजरात के सोमनाथ में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में पहली बार सार्वजनिक मंच से भागवत पाठ किया था. कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कुछ लोगों ने इसे पारिवारिक संस्कार और धार्मिक परंपरा का हिस्सा बताया, जबकि कुछ ने परिवारवाद को लेकर सवाल उठाए.
‘कथा पसंद नहीं है, तो मत सुनिए’
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी कथावाचक की कथा पसंद नहीं है, तो वह उसे सुनने न जाए. लेकिन संतों, कथावाचकों और धार्मिक परंपराओं का सार्वजनिक उपहास करना उचित नहीं है. उन्होंने लोगों से धार्मिक परंपराओं और संत समाज के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की, इस विवाद पर इससे पहले देवकीनंदन ठाकुर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा कि हर माता-पिता अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने का प्रयास करते हैं और उन्होंने भी अपने बेटे को धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ाया है. उनका कहना था कि बिना पूरी जानकारी के केवल चर्चा या लोकप्रियता के लिए किसी पर टिप्पणी करना उचित नहीं है.
सोशल मीडिया पर जारी है बहस
देवांश ठाकुर के सार्वजनिक मंच पर भागवत पाठ के बाद सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं. वहीं, धार्मिक जगत के कई लोग इसे पारिवारिक परंपरा और संस्कारों का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे अलग नजरिए से देख रहे हैं. इस बीच, संत समाज की ओर से धार्मिक परंपराओं के सम्मान और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील लगातार की जा रही है.
यह भी पढ़ें : Rewa News: बैकुण्ठपुर में 5 दिन से बिजली गुल, परेशान लोगों ने बिजली विभाग का किया घेराव
Author: Vindhya Times
विन्ध्या टाइम्स वेब बेस्ड न्यूज़ चैनल है जो विन्ध्य क्षेत्र में एक सार्थक,सकारात्मक और प्रभावी रिसर्च बेस्ड पत्रकारिता के लिए अपनी जाना जाता है.चैनल के माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन, न्यूज़ स्टोरी, डाक्यूमेंट्री फिल्म के साथ-साथ विन्ध्य क्षेत्र और मप्र. की ख़बरों को प्रसारित किया जाता है. विन्ध्य क्षेत्र की राजनीति, युवा, सांस्कृतिक, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कल्चर, फ़ूड, और अन्य क्षेत्र में एक मजबूत पत्रकारिता चैनल का उद्देश्य है. विन्ध्या टाइम्स न्यूज़ चैनल की ख़बरों को आप चैनल की वेबसाइट-www.vindhyatimes.in एवं एंड्राइड बेस्ड एप्लीकेशन के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही साथ फेसबुक पेज- https://www.facebook.com/vindhyatimesnews और ट्वीटर में -@vindhyatimes से भी आप ख़बरों को पढ़ सकते हैं. जुड़े रहिये हमारे साथ |
