MP News: ट्विशा शर्मा मौत केस: जेल में ‘द प्रेग्नेंट किंग’ पढ़ती मिलीं गिरिबाला सिंह, मेडिकल और डिजिटल सबूतों की जांच में जुटी CBI

MP News: ट्विशा शर्मा मौत केस: जेल में 'द प्रेग्नेंट किंग' पढ़ती मिलीं गिरिबाला सिंह, मेडिकल और डिजिटल सबूतों की जांच में जुटी CBI

MP News: ट्विशा शर्मा मौत केस: जेल में ‘द प्रेग्नेंट किंग’ पढ़ती मिलीं गिरिबाला सिंह, मेडिकल और डिजिटल सबूतों की जांच में जुटी CBI

MP News: एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में गिरफ्तार रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह से मध्य प्रदेश महिला आयोग की टीम ने भोपाल सेंट्रल जेल में मुलाकात की। निरीक्षण के दौरान गिरिबाला सिंह देवदत्त पटनायक की चर्चित पुस्तक ‘द प्रेग्नेंट किंग’ पढ़ती हुई मिलीं। महिला आयोग की टीम को देखते ही उन्होंने किताब बंद कर दी।

त्विषा केस: जेल में 'द प्रेग्नेंट किंग' पढ़ते हुए न्यायिक हिरासत काट रहा  कैदी नंबर 1782 समर्थ सिंह - samarth singh reads the pregnant king in bhopal  jail custody

महिला आयोग ने जाना जेल का हाल

महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने गिरिबाला सिंह से भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और जेल में उपलब्ध अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। गिरिबाला ने किसी भी प्रकार की शिकायत से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें जेल में कोई परेशानी नहीं है और सभी व्यवस्थाएं ठीक हैं, महिला आयोग की टीम ने महिला वार्ड, अस्पताल, रसोईघर, पुस्तकालय, आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर तथा ब्यूटी पार्लर का निरीक्षण किया। आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि निरीक्षण के दौरान ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि गिरिबाला सिंह को जेल में विशेष सुविधाएं दी जा रही हों।

CBI मेडिकल और डिजिटल सबूतों की कर रही जांच

ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही CBI को दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिल चुकी है। एजेंसी अब मेडिकल, डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों का मिलान कर रही है। जांच में प्रेग्नेंसी, अबॉर्शन, शरीर पर चोटों के निशान और फांसी के फंदे से जुड़े तथ्यों पर विशेष फोकस किया जा रहा है, CBI मोबाइल फोन, लैपटॉप, चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और डिलीट किए गए डेटा की भी जांच कर रही है, ताकि मौत की घटना से जुड़ी पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके। साथ ही मेडिकल दस्तावेजों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े रिकॉर्ड की भी सत्यता की जांच की जा रही है।

सबूतों की जब्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल

मामले में ट्विशा के परिजनों के वकील अंकुर पांडे ने प्रारंभिक जांच करने वाले पुलिस अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि घटनास्थल पर दो बेल्ट दिखाई दे रही थीं, जबकि पुलिस ने केवल एक बेल्ट जब्त की। इसके अलावा रस्सी जब्त करने और मेडिकल जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।

जमानत रद्द होने के बाद हुई गिरफ्तारी

गौरतलब है कि 27 मई को हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद 1 जून को उनकी गिरफ्तारी हुई। वर्तमान में गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह न्यायिक हिरासत में हैं, जेल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से गिरिबाला सिंह को अस्पताल वार्ड से सामान्य बैरक में शिफ्ट कर दिया है। बताया जा रहा है कि जज रहते हुए जिन 29 कैदियों को उन्होंने सजा सुनाई थी, वे भी इसी जेल में बंद हैं। इसे देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

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Author: Vindhya Times

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