Rewa News: रीवा में जल जीवन मिशन में 136 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला, बिना काम के 130.47 करोड़ का फर्जी भुगतान
Rewa News: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में जल जीवन मिशन योजना के क्रियान्वयन में लगभग 136 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले और वित्तीय अनियमितता का सनसनीखेज मामला सामने आया है, मामले की प्राथमिक जांच में पाया गया कि इसमें से लगभग 130.47 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि का भुगतान बिना कोई वास्तविक कार्य कराए ही कर दिया गया, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की जांच में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के 23 अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत संदिग्ध पाई गई है, हालांकि जांच शुरू हुए एक वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी ठोस कार्रवाई का इंतजार है.

ताश के पत्तों की तरह ढही पानी की टंकी
एक तरफ जल जीवन मिशन के वित्तीय घपले की जांच चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ मऊगंज जिले के खटखरी गांव में एक निर्माणाधीन पानी की टंकी टेस्टिंग के दौरान ही भरभराकर गिर गई, इस गंभीर दुर्घटना और निर्माण कार्य में बरती गई आपराधिक लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए EOW ने संबंधित ठेकेदार तथा विभागीय 3 इंजीनियरों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है, इस हादसे के बाद पूरी योजना के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

ग्राउंड वेरिफिकेशन में खुली फर्जीवाड़े की पोल
विभागीय स्तर पर कराए गए भौतिक सत्यापन में योजना की जमीनी हकीकत उजागर हुई है, तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर ट्रेनी आईएएस सोनाली देव के नेतृत्व में गठित जांच टीम ने जब 12 गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं, निरीक्षण के दौरान कई गांवों में न तो पानी की टंकी का निर्माण हुआ था और न ही पाइपलाइन बिछाई गई थी, इसके बावजूद कागजों पर फर्जी नल लगाकर और तस्वीरें खींचकर काम पूरा होना दर्शा दिया गया था.
वाहनों और स्टेशनरी के नाम पर फर्जीवाड़ा
जांच रिपोर्ट में इस बात का भी स्पष्ट उल्लेख है कि योजना के नाम पर थर्ड पार्टी एजेंसियों को भारी-भरकम भुगतान किया गया, लेकिन उसके समर्थन में आवश्यक वैधानिक दस्तावेज जमा ही नहीं कराए गए, इसके अतिरिक्त अधिकारियों द्वारा स्टेशनरी, कार्यालयीन खर्च और वाहन किराए के नाम पर भी 1 करोड़ रुपये से अधिक का अनाधिकृत भुगतान कर दिया गया, जिसके कोई वैध बिल या रसीदें फाइल में उपलब्ध नहीं हैं.
एक साल से जांच जारी
जल जीवन मिशन में सामने आई इस बहुचर्चित गड़बड़ी की जांच एजेंसियां लगातार पड़ताल कर रही हैं कि इतनी बड़ी राशि का गबन किस प्रकार संभव हुआ और इसमें कौन-कौन से उच्चाधिकारी शामिल थे, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी किसी मुख्य आरोपी या संदिग्ध PHE अधिकारी के विरुद्ध कड़ी विभागीय अथवा दंडात्मक कार्रवाई न होने से पूरे जांच तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
यह भी पढ़ें : Rewa News: रीवा में इलाज में लापरवाही का आरोप, सांस फूलने पर डॉक्टर ने लिख दी मिर्गी की दवा
Author: Vindhya Times
विन्ध्या टाइम्स वेब बेस्ड न्यूज़ चैनल है जो विन्ध्य क्षेत्र में एक सार्थक,सकारात्मक और प्रभावी रिसर्च बेस्ड पत्रकारिता के लिए अपनी जाना जाता है.चैनल के माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन, न्यूज़ स्टोरी, डाक्यूमेंट्री फिल्म के साथ-साथ विन्ध्य क्षेत्र और मप्र. की ख़बरों को प्रसारित किया जाता है. विन्ध्य क्षेत्र की राजनीति, युवा, सांस्कृतिक, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कल्चर, फ़ूड, और अन्य क्षेत्र में एक मजबूत पत्रकारिता चैनल का उद्देश्य है. विन्ध्या टाइम्स न्यूज़ चैनल की ख़बरों को आप चैनल की वेबसाइट-www.vindhyatimes.in एवं एंड्राइड बेस्ड एप्लीकेशन के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही साथ फेसबुक पेज- https://www.facebook.com/vindhyatimesnews और ट्वीटर में -@vindhyatimes से भी आप ख़बरों को पढ़ सकते हैं. जुड़े रहिये हमारे साथ |
