Rewa News: गौशालाओं पर लाखों खर्च फिर भी सड़कों पर गोवंश, किसानों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

Rewa News: गौशालाओं पर लाखों खर्च फिर भी सड़कों पर गोवंश, किसानों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

Rewa News: गौशालाओं पर लाखों खर्च फिर भी सड़कों पर गोवंश, किसानों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

Rewa News: रीवा जिले में बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है, लेकिन बेसहारा गोवंश की बढ़ती संख्या किसानों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है, मवेशियों के झुंड खेतों में पहुंचकर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, फसल बचाने के लिए किसान खेतों में तार-बाड़ी कराने के साथ रातभर जागकर रखवाली करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी लागत और मेहनत दोनों बढ़ रही हैं.

गौशालाओं के बजट पर उठे सवाल

किसानों का कहना है कि पंचायतों में गौशालाओं के संचालन, रखरखाव और चारे-पानी के लिए हर साल बड़ी राशि खर्च की जाती है, इसके बावजूद सड़कों और खेतों में बड़ी संख्या में बेसहारा गोवंश नजर आ रहा है, किसानों ने सवाल उठाया कि जब गौशालाओं के लिए सरकारी बजट उपलब्ध कराया जा रहा है, तो उसका असर जमीन पर क्यों नहीं दिखाई दे रहा, कई जगह गौशालाओं के संचालन पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.

किसानों ने कलेक्टर के सामने रखी मांग

समस्या को लेकर किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने रीवा कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी से मुलाकात की, किसानों ने मांग की कि जिन पंचायतों में गौशालाएं बनी हुई हैं, वहां सभी बेसहारा गोवंश को रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, इसके लिए संबंधित जनपद सीईओ को जिम्मेदारी दी जाए, किसानों का कहना है कि प्रभावी व्यवस्था होने से फसलों को होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है.

गौशाला नहीं तो बनें अस्थायी बाड़े

किसानों ने दूसरी प्रमुख मांग के तौर पर ऐसी पंचायतों में अस्थायी बाड़े बनाने की बात कही, जहां अभी गौशाला की व्यवस्था नहीं है, किसानों का सुझाव है कि पंचायत फंड से शासकीय जमीन पर तार-बाड़ी वाले बाड़े बनाए जाएं, इससे बेसहारा गोवंश को सुरक्षित जगह मिल सकेगी और सड़कों पर उनके घूमने से होने वाली दुर्घटनाओं के साथ खेतों में फसल नुकसान की समस्या भी कम हो सकती है.

कलेक्टर ने दिया कार्रवाई का भरोसा

किसानों ने बताया कि गोवंश के झुंड कई बार खेतों की तार-बाड़ी तोड़कर अंदर पहुंच जाते हैं, जिससे तैयार फसल को बड़ा नुकसान होता है, वहीं कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि गौशालाओं के संचालन और गोवंश प्रबंधन की समीक्षा की जा रही है, संबंधित जनपद सीईओ को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे, साथ ही किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.

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Vindhya Times
Author: Vindhya Times

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