Rewa News: रीवा में शिक्षा व्यवस्था पर संकट: बोर्ड रिजल्ट में 27 स्कूलों का रिजल्ट सबसे खराब, प्राचार्यों को भोपाल में लगाई गई फटकार
Rewa News: रीवा का स्कूल शिक्षा विभाग एक बार फिर चर्चा में है। बोर्ड परीक्षा परिणामों में खराब प्रदर्शन के चलते जिले के 27 स्कूलों के प्राचार्यों को भोपाल तलब किया गया, जहां उनकी जमकर क्लास लगाई गई। इन सभी स्कूलों का रिजल्ट 30 प्रतिशत से कम रहा, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
भोपाल में प्राचार्यों से हुई वन-टू-वन पूछताछ
लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेशभर से ऐसे स्कूलों के प्राचार्यों को बुलाया, जिनका परीक्षा परिणाम बेहद खराब रहा। सभी से वन-टू-वन बातचीत कर रिजल्ट खराब होने के कारण पूछे गए। किसी ने शिक्षकों की कमी बताई तो किसी ने प्रशासनिक कारण गिनाए, लेकिन किसी भी तर्क को स्वीकार नहीं किया गया, प्राचार्यों को सख्त चेतावनी दी गई है कि सुधार नहीं होने पर वेतनवृद्धि रोकने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
![]()
दुआरी स्कूल का मामला भी चर्चा में
रीवा के रायपुर कर्चुलियान विकासखंड स्थित दुआरी कन्या हाई स्कूल का मामला भी सामने आया है। यहां कुल 17 छात्राएं पंजीकृत थीं, लेकिन केवल 5 के ही परीक्षा फॉर्म भरे गए, जिससे 12 छात्राओं का भविष्य प्रभावित हुआ। इसके बावजूद रिजल्ट में सुधार नहीं हुआ और प्राचार्य को भोपाल में फटकार का सामना करना पड़ा।
कुछ स्कूलों का रिजल्ट बेहद खराब
रीवा जिले के कई स्कूलों का प्रदर्शन बेहद चिंताजनक रहा—
• हाई स्कूल पुरौना: 0% रिजल्ट
• जवा हाई स्कूल: 4.55%
• कोनीकलां जवा: 10.34%
• भनिगवां जवा: 10.53%
• डिगवार: 14.29%
• पहरखा: 14.29%
• प्रतापगंज हनुमना: 16.67%
• जोरौट नईगढ़ी: 17.65%
• सितलहा: 18.88%
• बहेरा डाबर: 19.05%कई अन्य स्कूलों का परिणाम भी 30% से नीचे रहा, जिससे रीवा की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
निरीक्षण के बावजूद नहीं सुधरा प्रदर्शन
पूरे साल जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा निरीक्षण किए जाने के बावजूद परिणामों में सुधार नहीं देखा गया। यहां तक कि भोपाल स्तर के अधिकारियों ने भी स्कूलों का दौरा किया, लेकिन इसका अपेक्षित असर नहीं दिखा।
प्रशासन पर भी उठे सवाल
इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर लगातार गिरते शिक्षा स्तर और कमजोर परीक्षा परिणामों ने रीवा जिले की शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल निरीक्षण और चेतावनी से सुधार संभव नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर शिक्षकों की व्यवस्था, मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करना जरूरी है। तभी रीवा की शिक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार देखने को मिल सकता है।
यह भी पढ़ें : Rewa News: रीवा कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी की सेहत पर संकट, इलाज के चलते छुट्टी बढ़ी, जनता की उम्मीदों पर सवाल
Author: Vindhya Times
विन्ध्या टाइम्स वेब बेस्ड न्यूज़ चैनल है जो विन्ध्य क्षेत्र में एक सार्थक,सकारात्मक और प्रभावी रिसर्च बेस्ड पत्रकारिता के लिए अपनी जाना जाता है.चैनल के माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन, न्यूज़ स्टोरी, डाक्यूमेंट्री फिल्म के साथ-साथ विन्ध्य क्षेत्र और मप्र. की ख़बरों को प्रसारित किया जाता है. विन्ध्य क्षेत्र की राजनीति, युवा, सांस्कृतिक, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कल्चर, फ़ूड, और अन्य क्षेत्र में एक मजबूत पत्रकारिता चैनल का उद्देश्य है. विन्ध्या टाइम्स न्यूज़ चैनल की ख़बरों को आप चैनल की वेबसाइट-www.vindhyatimes.in एवं एंड्राइड बेस्ड एप्लीकेशन के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही साथ फेसबुक पेज- https://www.facebook.com/vindhyatimesnews और ट्वीटर में -@vindhyatimes से भी आप ख़बरों को पढ़ सकते हैं. जुड़े रहिये हमारे साथ |
