CG Tourism: झरने, जंगल और आदिवासी संस्कृति का संगम, जानिए क्यों छत्तीसगढ़ का नया पर्यटन हब बन रहा है जशपुर

CG Tourism: झरने, जंगल और आदिवासी संस्कृति का संगम, जानिए क्यों छत्तीसगढ़ का नया पर्यटन हब बन रहा है जशपुर

CG Tourism: झरने, जंगल और आदिवासी संस्कृति का संगम, जानिए क्यों छत्तीसगढ़ का नया पर्यटन हब बन रहा है जशपुर

CG Tourism: छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इसी क्रम में जशपुर जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों, ऊंची पहाड़ियों, झरनों और समृद्ध आदिवासी संस्कृति के कारण तेजी से पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है. यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक नजारे पर्यटकों को शहरों की भागदौड़ से दूर सुकून का अनुभव कराते हैं.

प्रकृति, आस्था और रोमांच का अनोखा संगम

जशपुर में प्रकृति प्रेमियों, धार्मिक यात्रियों और एडवेंचर पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए कई आकर्षक स्थल मौजूद हैं. बारिश के मौसम में यहां की हरियाली, पहाड़ और झरने इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं. यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं, जशपुर मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित रानीदाह जलप्रपात जिले के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल है. घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बहता यह झरना मानसून के दौरान बेहद मनमोहक दिखाई देता है. यहां पर्यटक प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताने और पिकनिक का आनंद लेने पहुंचते हैं.

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कैलाश गुफा में मिलता है आध्यात्म और प्रकृति का अनुभव

बगीचा विकासखंड में स्थित कैलाश गुफा धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम है. यहां भगवान शिव का मंदिर और संत गहिरा गुरु का आश्रम स्थित है. शांत वातावरण और प्राकृतिक गुफा श्रद्धालुओं के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों को भी आकर्षित करती है.

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राजपुरी जलप्रपात और मयाली नेचर कैम्प की खास पहचान

राजपुरी जलप्रपात अपनी शांत वादियों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है. वहीं कुनकुरी का मयाली नेचर कैम्प एडवेंचर गतिविधियों, बोटिंग और प्राकृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुका है. परिवार और युवा पर्यटक यहां प्रकृति के बीच यादगार समय बिताते हैं.

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मधेश्वर पहाड़ बना आस्था का केंद्र

कुनकुरी क्षेत्र का मधेश्वर पहाड़ अपनी अनोखी प्राकृतिक बनावट के कारण विशेष पहचान रखता है. शिवलिंग के आकार जैसी इसकी संरचना को विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है. यह स्थान धार्मिक आस्था और प्राकृतिक आश्चर्य का अद्भुत उदाहरण माना जाता है.

Madheshwar mountain of Jashpur is the world's largest natural Shivling

कोतेबिरा और खुड़िया रानी गुफा भी हैं खास स्थल

फरसाबहार क्षेत्र में ईब नदी के किनारे स्थित कोतेबिरा विशाल चट्टानों, हरियाली और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है. वहीं बगीचा विकासखंड की खुड़िया रानी गुफा अपने ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के कारण पर्यटकों को आकर्षित करती है. यहां प्रकृति और इतिहास का सुंदर मेल देखने को मिलता है.

पहाड़ी कोरवाओं की आराध्या माता खुड़िया रानी एवं दीवान हर्राडीपा का दशहरा

पर्यटकों के लिए बेहतर हुई सुविधाएं

जशपुर सड़क मार्ग से रायगढ़, सरगुजा, बिलासपुर और अन्य प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. रांची और झारसुगुड़ा रेलवे स्टेशन के साथ बिरसा मुंडा एयरपोर्ट और झारसुगुड़ा एयरपोर्ट से भी यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है. पर्यटन सुविधाओं में लगातार सुधार होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है.

ग्रामीण पर्यटन से बढ़ रहा रोजगार

जशपुर में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई होमस्टे विकसित किए गए हैं. स्थानीय लोगों को आतिथ्य, होमस्टे संचालन और पर्यटन प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसके साथ ही केरे गांव को ग्रामीण पर्यटन मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां पर्यटक स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जनजातीय जीवनशैली को करीब से जान सकते हैं, झरनों की खूबसूरती, घने जंगल, धार्मिक स्थल, रोमांचक पर्यटन और समृद्ध आदिवासी संस्कृति के कारण जशपुर आज छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर तेजी से अपनी पहचान बना रहा है. यहां आने वाले पर्यटकों को प्रकृति, संस्कृति और शांति का ऐसा अनुभव मिलता है, जो इस जिले को प्रदेश के सबसे खास पर्यटन स्थलों में शामिल करता है.

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Author: Vindhya Times

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