MP News: भोपाल को मिलेगी नई पहचान, 21 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद जारी हुआ ‘मास्टर प्लान 2047’
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुप्रतीक्षित मास्टर प्लान को 21 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार जारी कर दिया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट साझा कर ‘भोपाल विकास योजना-2047’ के प्रारूप के प्रकाशन की आधिकारिक जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गणेश अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर भोपाल के समग्र विकास और बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस दूरगामी योजना को जनता के सामने प्रस्तुत किया गया है.
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बाघ भ्रमण क्षेत्रों के संरक्षण पर विशेष ध्यान
सीएम मोहन यादव ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि यह मास्टर प्लान भोपाल की अनमोल प्राकृतिक धरोहरों जैसे भोजताल (बड़ा तालाब), हरित वन क्षेत्रों और बाघ भ्रमण क्षेत्रों (Tiger Movement Area) के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए तैयार किया गया है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण का संतुलन बनाए रखते हुए राजधानी के नागरिकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं, सुगम यातायात (Mobility) और आर्थिक विकास के नए अवसर उपलब्ध कराना है.

‘हरित TDR’ का नया प्रावधान
मास्टर प्लान 2047 की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक ‘हरित टीडीआर’ (Green Transferable Development Rights) का प्रावधान है. इस व्यवस्था के तहत हरित या संरक्षित क्षेत्र में आने वाली जमीन के स्वामियों को आर्थिक क्षतिपूर्ति दी जाएगी, जबकि विकासकर्ताओं (Developers) को TDR के माध्यम से अतिरिक्त निर्माण की सुविधा मिल सकेगी. इससे पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ शहर के नियोजित और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास को भी बड़ी गति मिलेगी.
असीमित FAR, TOD नीति और 27% हरित क्षेत्र का प्रस्ताव
भोपाल को महानगरीय अवधारणा (Metropolitan Concept) के अनुरूप ढालने के लिए इसमें कई रियायतें दी गई हैं. योजना में असीमित एफएआर (FAR) और भवन ऊंचाई, राज्य की टीओडी (TOD) नीति के अनुसार मिश्रित भूमि उपयोग तथा विकास मानकों का सरलीकरण शामिल है. इसके अलावा, शहर में हरित क्षेत्र (Green Belt) को 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का बड़ा प्रस्ताव रखा गया है. साथ ही, एजुकेशन नॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (EKAI) सिटी और सेफ सिटी के आधुनिक प्रावधान भी जोड़े गए हैं.
आम नागरिकों से मांगे गए सुझाव और आपत्तियां
मास्टर प्लान के प्रारूप में री-डेवलपमेंट, अफोर्डेबल हाउसिंग, पार्किंग प्रोत्साहन और निजी डेवलपर्स द्वारा सड़कों के निर्माण जैसे पारदर्शी नियमों को शामिल किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध और विकसित भोपाल के निर्माण की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है. प्रकाशित प्रारूप को सार्वजनिक कर दिया गया है, जिस पर आम नागरिक, शहरी विशेषज्ञ और भू-स्वामी अपनी आपत्तियां और सुझाव नियमानुसार प्रस्तुत कर सकते हैं.
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Author: Vindhya Times
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