CG News: श्रमिकों की e-KYC में छत्तीसगढ़ ने बनाया रिकॉर्ड, अकुशल श्रमिकों के सत्यापन में बड़े राज्यों में नंबर-1
CG News: छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के डिजिटल सत्यापन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. प्रदेश में पंजीकृत करीब 80 लाख श्रमिकों में से 73 लाख से अधिक की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है. केंद्र सरकार की 3 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, श्रमिकों के सत्यापन में छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन कई बड़े राज्यों से बेहतर है. खासतौर पर अकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में प्रदेश ने बड़े राज्यों के बीच पहला स्थान हासिल किया है.

अकुशल श्रमिकों की e-KYC में 91.37 प्रतिशत उपलब्धि
केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में 79 लाख 23 हजार 503 अकुशल श्रमिक पंजीकृत हैं. इनमें से 76 लाख 20 हजार 979 श्रमिकों का आधार सीडिंग किया जा चुका है, जबकि 72 लाख 39 हजार 364 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो गई है. इस तरह सत्यापन का आंकड़ा 91.37 प्रतिशत तक पहुंच गया है. वहीं, इस श्रेणी में राष्ट्रीय औसत केवल 61.01 प्रतिशत है. यानी छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय औसत से 30.36 प्रतिशत अंक आगे है.
![]()
बड़े राज्यों की सूची में छत्तीसगढ़ सबसे आगे
अकुशल श्रमिकों के सत्यापन में लद्दाख 97.59 प्रतिशत, मिजोरम 97.42 प्रतिशत और त्रिपुरा 92.79 प्रतिशत के साथ संयुक्त सूची में छत्तीसगढ़ से आगे हैं. हालांकि, बड़े राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ पहले स्थान पर है. पश्चिम बंगाल में 89.10 प्रतिशत, तमिलनाडु में 83.17 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश में 81.27 प्रतिशत और मध्य प्रदेश में 63.78 प्रतिशत श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हुई है.
![]()
कुशल और अर्द्धकुशल श्रमिकों में भी बेहतर प्रदर्शन
कुशल और अर्द्धकुशल श्रमिकों के डिजिटल सत्यापन में भी छत्तीसगढ़ ने मजबूत प्रदर्शन किया है. प्रदेश में इस श्रेणी के 73 हजार 596 श्रमिकों का आधार सीडिंग और 64 हजार 87 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है. इसके साथ ही सत्यापन का प्रतिशत 82.28 तक पहुंच गया है. इस श्रेणी में राष्ट्रीय औसत महज 13.53 प्रतिशत है. यानी छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय औसत से 68.75 प्रतिशत अंक आगे है.
राज्यों की तुलना में दूसरे स्थान पर प्रदेश
कुशल और अर्द्धकुशल श्रमिकों की संयुक्त रैंकिंग में दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव 98.33 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर हैं. छत्तीसगढ़ 82.28 प्रतिशत उपलब्धि के साथ दूसरे स्थान पर है. हालांकि, केवल राज्यों की तुलना करें तो प्रदेश पहले नंबर पर है. महाराष्ट्र में 56.70 प्रतिशत, कर्नाटक में 36.95 प्रतिशत, गुजरात में 27.04 प्रतिशत और मध्य प्रदेश में 16.47 प्रतिशत श्रमिकों का सत्यापन हुआ है.
फेस ऑथेंटिकेशन से हो रही श्रमिकों की पहचान
श्रमिकों की ई-केवाईसी के दौरान उनके आधार कार्ड और पंजीयन में दर्ज जानकारियों का मिलान किया जाता है. इसके बाद कार्यस्थल पर वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन किया जाता है. इसमें रोजगार सहायक मास्टर रोल में दर्ज श्रमिकों की मोबाइल से चेहरे की पहचान कर दिन में दो बार उपस्थिति दर्ज करता है. इस व्यवस्था से फर्जी नामों पर हाजिरी लगाने की आशंका कम करने में मदद मिलती है, डिजिटल सत्यापन की प्रक्रिया को प्रदेश के दूरस्थ इलाकों तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं. बस्तर और सरगुजा जैसे कम नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भी कैंप लगाकर श्रमिकों की ई-केवाईसी कराई गई है. हालांकि, कुल पंजीकृत श्रमिकों में अब भी करीब 7 लाख का सत्यापन बाकी है. ऐसे में शेष श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी करना विभाग के सामने अगली बड़ी चुनौती है.
यह भी पढ़ें : CG Success Story: चित्रकोट की मछुआ सहकारी समिति को मिला राज्य अलंकरण-2026, नौका विहार से 35 लाख की कमाई, 62 परिवारों को मिला रोजगार
Author: Vindhya Times
विन्ध्या टाइम्स वेब बेस्ड न्यूज़ चैनल है जो विन्ध्य क्षेत्र में एक सार्थक,सकारात्मक और प्रभावी रिसर्च बेस्ड पत्रकारिता के लिए अपनी जाना जाता है.चैनल के माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन, न्यूज़ स्टोरी, डाक्यूमेंट्री फिल्म के साथ-साथ विन्ध्य क्षेत्र और मप्र. की ख़बरों को प्रसारित किया जाता है. विन्ध्य क्षेत्र की राजनीति, युवा, सांस्कृतिक, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कल्चर, फ़ूड, और अन्य क्षेत्र में एक मजबूत पत्रकारिता चैनल का उद्देश्य है. विन्ध्या टाइम्स न्यूज़ चैनल की ख़बरों को आप चैनल की वेबसाइट-www.vindhyatimes.in एवं एंड्राइड बेस्ड एप्लीकेशन के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही साथ फेसबुक पेज- https://www.facebook.com/vindhyatimesnews और ट्वीटर में -@vindhyatimes से भी आप ख़बरों को पढ़ सकते हैं. जुड़े रहिये हमारे साथ |











1 thought on “CG News: श्रमिकों की e-KYC में छत्तीसगढ़ ने बनाया रिकॉर्ड, अकुशल श्रमिकों के सत्यापन में बड़े राज्यों में नंबर-1”