CG Special Story: धमतरी के सेमरा-सी गांव में 5 दिन पहले मनाई गई दिवाली, सिरदार देव के आदेश से आज भी निभाई जा रही अनोखी परंपरा
CG Special Story: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का सेमरा-सी गांव अपनी अनोखी परंपरा के कारण चर्चा में है. यहां देशभर में दिवाली मनाए जाने से पांच दिन पहले ही दीपोत्सव का आयोजन किया गया. 3 नवंबर को गांव के घरों में दीप जलाए गए, रंग-बिरंगी रोशनी से मकान सजाए गए और आंगन में आकर्षक रंगोलियां बनाई गईं. लक्ष्मी पूजा के बाद बच्चों ने पटाखे फोड़े और ग्रामीणों ने उत्साह के साथ त्योहार मनाया.

सिरदार देव की मान्यता से जुड़ी है परंपरा
धमतरी शहर से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में दिवाली सहित कई प्रमुख त्योहार सामान्य तारीख से करीब एक सप्ताह पहले मनाए जाते हैं. ग्रामीणों के अनुसार, इसके पीछे सदियों पुरानी धार्मिक मान्यता है. उनका विश्वास है कि ग्राम देवता सिरदार देव ने पूर्वजों को सपने में दर्शन देकर सभी प्रमुख त्योहार निर्धारित समय से सात दिन पहले मनाने का आदेश दिया था. तभी से गांव के लोग इस परंपरा का पालन करते आ रहे हैं.

जंगली जानवरों से ग्रामीणों की रक्षा करने वाले सिरदार
ग्रामीणों के मुताबिक, पुराने समय में सेमरा गांव चारों तरफ जंगलों से घिरा हुआ था. उस दौर में जंगली जानवरों का खतरा हमेशा बना रहता था. इसी दौरान सिरदार नाम के एक व्यक्ति ने ग्रामीणों की रक्षा की, लेकिन इस प्रयास में उनकी जान चली गई. इसके बाद गांव के पुजारी को सपने में सिरदार के दर्शन हुए. मान्यता है कि उन्होंने गांव की सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए पूजा करने के साथ त्योहार एक सप्ताह पहले मनाने की बात कही थी.

दिवाली के साथ होली और हरेली भी पहले मनाते हैं ग्रामीण
इस मान्यता के बाद गांव में सिरदार देव की पूजा शुरू हुई और उनके लिए मंदिर का निर्माण कराया गया. खास बात यह है कि यहां केवल दिवाली ही नहीं, बल्कि होली, हरेली और पोरा जैसे प्रमुख त्योहार भी देशभर में मनाई जाने वाली तारीख से सात दिन पहले मनाए जाते हैं. ग्रामीणों का मानना है कि इस परंपरा को तोड़ने से गांव में अनहोनी हो सकती है. इसी आस्था के कारण नई पीढ़ी भी इस विरासत को आगे बढ़ा रही है.
दिवाली पर मेहमानों से भर जाता है पूरा गांव
गांव के सरपंच छबिलेश कुमार सिन्हा के मुताबिक, दीपावली की तैयारियां करीब 15 से 20 दिन पहले ही शुरू कर दी जाती हैं. इस खास आयोजन में आसपास के 15 से 20 गांवों के लोग शामिल होने पहुंचते हैं. कई परिवारों के चार से पांच सदस्य मेहमान बनकर आते हैं. ऐसे में कई बार त्योहार के दौरान गांव में पहुंचने वाले मेहमानों की संख्या स्थानीय आबादी से भी अधिक हो जाती है.
परंपरा तोड़ने की कोशिश के बाद और मजबूत हुई आस्था
सरपंच के अनुसार, एक बार गांव में निर्धारित परंपरा से अलग समय पर त्योहार मनाने की कोशिश की गई थी. इसके बाद ग्रामीणों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा. लोगों ने इन घटनाओं को सिरदार देव की मान्यता से जोड़कर देखा और फिर पहले की तरह त्योहार मनाने का निर्णय लिया. ग्रामीण गजेंद्र कुमार सिन्हा बताते हैं कि सिरदार देव के प्रति लोगों की गहरी आस्था है और दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पूजा करने पहुंचते हैं. वहीं, राजनांदगांव से आई प्रियंका श्रीवास ने बताया कि सेमरा गांव उनका ननिहाल है और यहां दिवाली, होली, हरेली व पोला जैसे त्योहार एक सप्ताह पहले मनाए जाते हैं.
यह भी पढ़ें : CG News: महादेव सट्टा ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर से होगी पूछताछ, रायपुर कोर्ट ने CBI को 8 दिन की कस्टडी दी
Author: Vindhya Times
विन्ध्या टाइम्स वेब बेस्ड न्यूज़ चैनल है जो विन्ध्य क्षेत्र में एक सार्थक,सकारात्मक और प्रभावी रिसर्च बेस्ड पत्रकारिता के लिए अपनी जाना जाता है.चैनल के माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन, न्यूज़ स्टोरी, डाक्यूमेंट्री फिल्म के साथ-साथ विन्ध्य क्षेत्र और मप्र. की ख़बरों को प्रसारित किया जाता है. विन्ध्य क्षेत्र की राजनीति, युवा, सांस्कृतिक, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कल्चर, फ़ूड, और अन्य क्षेत्र में एक मजबूत पत्रकारिता चैनल का उद्देश्य है. विन्ध्या टाइम्स न्यूज़ चैनल की ख़बरों को आप चैनल की वेबसाइट-www.vindhyatimes.in एवं एंड्राइड बेस्ड एप्लीकेशन के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही साथ फेसबुक पेज- https://www.facebook.com/vindhyatimesnews और ट्वीटर में -@vindhyatimes से भी आप ख़बरों को पढ़ सकते हैं. जुड़े रहिये हमारे साथ |











1 thought on “CG Special Story: धमतरी के सेमरा-सी गांव में 5 दिन पहले मनाई गई दिवाली, सिरदार देव के आदेश से आज भी निभाई जा रही अनोखी परंपरा”