MP News: धार भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में नहीं हुई सुनवाई, नमाज व्यवस्था को लेकर बढ़ी हलचल
MP News: धार भोजशाला परिसर से जुड़े बहुचर्चित मामले में बुधवार को प्रस्तावित सुनवाई नहीं हो सकी. सुप्रीम कोर्ट में अन्य मामलों की लंबी सुनवाई के चलते भोजशाला प्रकरण का नंबर नहीं आ पाया. अब इस मामले की सुनवाई गुरुवार को होगी. नमाज की व्यवस्था, प्रशासन की तैयारियों और मुस्लिम समाज की आपत्तियों को लेकर सभी पक्षों की नजर अब सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है.

14 जुलाई के आदेश के बाद प्रशासन हुआ सक्रिय
सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को मुस्लिम समाज के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे. इसके बाद धार जिला प्रशासन सक्रिय हो गया और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर संभावित व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई. प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और दोनों पक्षों की भावनाओं का ध्यान रखने की बात कही है.
चालीस पीर दरगाह में नमाज के प्रस्ताव पर सहमति नहीं
प्रशासन की ओर से मालीवाड़ा स्थित चालीस पीर दरगाह में जुमे की नमाज की व्यवस्था का प्रस्ताव रखा गया था. प्रशासन का कहना था कि यहां सुरक्षा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं. हालांकि मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव पर सहमति नहीं जताई. समाज का कहना है कि व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की भावना के अनुरूप होनी चाहिए.

पिछले शुक्रवार नहीं पहुंचे थे नमाजी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने पिछले शुक्रवार को चालीस पीर दरगाह पर नमाज के लिए सुरक्षा सहित सभी तैयारियां की थीं. पुलिस बल तैनात किया गया था और अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे. लेकिन मुस्लिम समाज की ओर से कोई भी व्यक्ति वहां नमाज पढ़ने नहीं पहुंचा. समाज के लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों की मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की.
500 मीटर दूर वैकल्पिक स्थलों पर तैयारी शुरू
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने भोजशाला परिसर से करीब 500 मीटर दूरी पर दो संभावित सरकारी स्थलों की पहचान की है. इन स्थानों पर सफाई और समतलीकरण का कार्य कराया गया है. इसमें डिस्टलरी के पास स्थित खसरा नंबर 509 का सरकारी स्थान भी शामिल है. प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है, प्रशासन द्वारा तैयार किए जा रहे वैकल्पिक स्थलों को लेकर मुस्लिम समाज की ओर से अभी अंतिम सहमति नहीं दी गई है. समाज का कहना है कि नमाज की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश और धार्मिक भावनाओं के अनुरूप हो. इसी मुद्दे को लेकर समाज की ओर से अपनी आपत्तियां सुप्रीम कोर्ट के सामने रखने की तैयारी की जा रही है.
कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की बड़ी चुनौती
भोजशाला मामला लंबे समय से संवेदनशील विषय रहा है. ऐसे में जिला प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोनों पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखना है. प्रशासन लगातार दोनों पक्षों से संवाद कर रहा है और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
गुरुवार की सुनवाई पर टिकी सबकी नजर
भोजशाला मामले में गुरुवार को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस दौरान नमाज व्यवस्था के लिए स्थान, प्रशासन द्वारा तैयार किए गए वैकल्पिक स्थलों और अंतरिम आदेशों के पालन को लेकर दिशा निर्देश सामने आ सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट का अगला आदेश इस विवाद से जुड़ी आगे की प्रक्रिया के लिए अहम माना जा रहा है.
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Author: Vindhya Times
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