MP News: सरदार सरोवर समझौते पर कांग्रेस ने मोहन सरकार को घेरा, जीतू पटवारी ने 7,669 करोड़ रुपये के दावे पर उठाए सवाल
MP News: सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े अंतरराज्यीय भुगतान विवाद के समाधान पर हुए समझौते को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार बताए कि मध्य प्रदेश के 7,669 करोड़ रुपये के दावे का क्या हुआ. उन्होंने पूरे समझौते पर श्वेत पत्र जारी करने और विधानसभा में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की.

सरकार से मांगा 7,669 करोड़ रुपये का हिसाब
भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने कहा कि सरदार सरोवर परियोजना से सबसे अधिक नुकसान मध्य प्रदेश को हुआ था. बड़ी मात्रा में कृषि भूमि, वन क्षेत्र और आदिवासी परिवार प्रभावित हुए, जबकि पुनर्वास का सबसे बड़ा भार भी प्रदेश ने उठाया. इसी आधार पर राज्य ने 7,669 करोड़ रुपये का दावा किया था. उन्होंने सवाल उठाया कि अब सरकार इस दावे का कोई उल्लेख क्यों नहीं कर रही है.
समझौते की शर्तें सार्वजनिक करने की मांग
पटवारी ने कहा कि सरकार केवल गुजरात की देनदारी कम होने की बात कर रही है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं कर रही कि मध्य प्रदेश के हजारों करोड़ रुपये के दावे का क्या हुआ. उन्होंने पूछा कि यह फैसला किस कानूनी और वित्तीय आधार पर लिया गया. साथ ही जानना चाहा कि क्या इस पर कैबिनेट, विधानसभा और विशेषज्ञों से चर्चा की गई थी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा. उनका कहना है कि मध्य प्रदेश पर 5.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो चुका है और सरकार लगातार नई उधारी लेकर खर्च कर रही है. उन्होंने हाल ही में लिए गए 3,600 करोड़ रुपये के नए कर्ज का भी उल्लेख किया.
सरदार सरोवर समझौता क्या है
नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध को लेकर मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच वर्षों से वित्तीय विवाद चल रहा था. मध्य प्रदेश का दावा था कि परियोजना से सबसे अधिक डूब क्षेत्र और विस्थापन उसके हिस्से में आया, इसलिए उसे 7,669 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए. वहीं, गुजरात परियोजना की बढ़ी हुई लागत का हिस्सा अन्य राज्यों से मांग रहा था.
दिल्ली में हुआ वन टाइम सेटलमेंट
हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में चारों राज्यों के बीच वन टाइम सेटलमेंट पर हस्ताक्षर हुए. समझौते के तहत मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान, गुजरात को 550-550 करोड़ रुपये देंगे. इस तरह गुजरात को कुल 1,650 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे और वर्षों से लंबित सभी वित्तीय दावों को समाप्त करने पर सहमति बनी है, कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार पूरे समझौते का दस्तावेज सार्वजनिक करे, चारों राज्यों के बीच तय हुई शर्तों की जानकारी दे और यह स्पष्ट करे कि यदि 7,669 करोड़ रुपये का दावा उचित था, तो उसे क्यों छोड़ा गया. वहीं, यदि दावा उचित नहीं था, तो वह किस आधार पर किया गया था.
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Author: Vindhya Times
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