Rewa News: APSU में अनुकंपा नियुक्तियों को लेकर विवाद, शिकायतों के बाद कार्रवाई पर सवाल

Rewa News: APSU में अनुकंपा नियुक्तियों को लेकर विवाद, शिकायतों के बाद कार्रवाई पर सवाल

Rewa News: APSU में अनुकंपा नियुक्तियों को लेकर विवाद, शिकायतों के बाद कार्रवाई पर सवाल

Rewa News: अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में पुरानी अनुकंपा नियुक्तियों को लेकर विवाद सामने आया है. मऊगंज के पाड़र गांव निवासी विमलेश त्रिपाठी ने RTI से मिले दस्तावेजों के आधार पर कई नियुक्तियों की जांच और कार्रवाई की मांग की है. शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय, राज्यपाल, मुख्य सचिव और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक भेजी गई है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ मामलों में सरकारी नियमों का पालन नहीं किया गया और अब इन नियुक्तियों की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं.

Ninth convocation on 6th December at APS University of Rewa

दूसरी नियुक्ति का आरोप

शिकायत में कई पुराने मामलों का उल्लेख किया गया है. एक मामले में आरोप है कि विश्वविद्यालय कर्मचारी मोहनलाल पटेल की मृत्यु के बाद उनके छोटे बेटे बुद्धसेन पटेल को अनुकंपा नियुक्ति दी गई, जबकि उनके बड़े बेटे शेषमणि पटेल पहले से विश्वविद्यालय में नियमित कर्मचारी थे. इसी तरह रामप्रसाद शुक्ल की मृत्यु के बाद उनके छोटे बेटे ज्ञानेन्द्र प्रसाद शुक्ल को नौकरी मिलने पर भी सवाल उठाए गए हैं, जबकि शिकायत के अनुसार बड़े बेटे सुफल किशोर शुक्ल पहले से विश्वविद्यालय में कार्यरत थे.

अन्य नियुक्तियों पर भी शिकायत

शिकायत में सुमन पाण्डेय के मामले का भी जिक्र किया गया है. आरोप है कि उनके बड़े बेटे डॉ. अतुल पाण्डेय पहले से विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे, इसके बावजूद छोटे बेटे राहुल पाण्डेय को वर्ष 2016 में अनुकंपा नियुक्ति दी गई. एक अन्य मामले में प्यारेलाल केवट की मृत्यु के बाद उनके बेटे बसंतलाल केवट को अनुकंपा नियुक्ति मिलने और बाद में उनकी मृत्यु के बाद पत्नी पूजा केवट को भी इसी आधार पर नियुक्ति दिए जाने पर सवाल उठाए गए हैं. शिकायतकर्ता ने ऐसे मामलों की नियमों के आधार पर जांच की मांग की है.

कुलपति ने शिकायतों को लेकर दिया जवाब

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेन्द्र कुड़रिया ने इन शिकायतों को कर्मचारियों के बीच पदोन्नति को लेकर चल रहे विवाद से जोड़कर देखा है. उनका कहना है कि संबंधित नियुक्तियां काफी पुरानी हैं और यदि किसी को इन पर आपत्ति थी, तो पहले शिकायत क्यों नहीं की गई. कुलपति के अनुसार, जिन लोगों को नियुक्तियों पर आपत्ति है, वे न्यायालय का रुख कर सकते हैं और अदालत के आदेश के आधार पर आगे कार्रवाई की जा सकती है.

जांच और कार्रवाई की मांग

वहीं सामाजिक कार्यकर्ता बीके माला का कहना है कि यदि दस्तावेजों की जांच में नियुक्तियां नियम विरुद्ध पाई जाती हैं, तो विश्वविद्यालय प्रबंधन को मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए. शिकायतकर्ता भी संबंधित दस्तावेजों के आधार पर सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है. फिलहाल नियुक्तियों को लेकर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच या सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही होगी. अब नजर इस बात पर है कि सरकार और उच्च शिक्षा विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं.

यह भी पढ़ें : Rewa News: रीवा-मऊगंज में नर्सरी से 8वीं तक छुट्टी, स्कूलों तक देर से पहुंचा आदेश

Vindhya Times
Author: Vindhya Times

विन्ध्या टाइम्स वेब बेस्ड न्यूज़ चैनल है जो विन्ध्य क्षेत्र में एक सार्थक,सकारात्मक और प्रभावी रिसर्च बेस्ड पत्रकारिता के लिए अपनी जाना जाता है.चैनल के माध्यम से न्यूज़ बुलेटिन, न्यूज़ स्टोरी, डाक्यूमेंट्री फिल्म के साथ-साथ विन्ध्य क्षेत्र और मप्र. की ख़बरों को प्रसारित किया जाता है. विन्ध्य क्षेत्र की राजनीति, युवा, सांस्कृतिक, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कल्चर, फ़ूड, और अन्य क्षेत्र में एक मजबूत पत्रकारिता चैनल का उद्देश्य है. विन्ध्या टाइम्स न्यूज़ चैनल की ख़बरों को आप चैनल की वेबसाइट-www.vindhyatimes.in एवं एंड्राइड बेस्ड एप्लीकेशन के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही साथ फेसबुक पेज- https://www.facebook.com/vindhyatimesnews और ट्वीटर में -@vindhyatimes से भी आप ख़बरों को पढ़ सकते हैं. जुड़े रहिये हमारे साथ |

Leave a Comment

और पढ़ें