MP News: चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध रेत खनन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, CCTV और वाहन जब्ती के दिए निर्देश

MP News: राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध रेत खनन और बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों के संचालन पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि अवैध खनन रोकने के लिए राज्यों की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और बिना नंबर प्लेट वाले वाहन खुलेआम रेत परिवहन कर रहे हैं। कोर्ट ने 6 महीने के भीतर प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करने और अवैध खनन में इस्तेमाल वाहनों की जब्ती के निर्देश दिए हैं।

MP News: चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध रेत खनन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, CCTV और वाहन जब्ती के दिए निर्देश

MP News: राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध रेत खनन और बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों के संचालन पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि अवैध खनन रोकने के लिए राज्यों की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और बिना नंबर प्लेट वाले वाहन खुलेआम रेत परिवहन कर रहे हैं। कोर्ट ने 6 महीने के भीतर प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करने और अवैध खनन में इस्तेमाल वाहनों की जब्ती के निर्देश दिए हैं।

अवैध खनन से चंबल में घड़ियालों के अस्तित्व पर खतरा, सुप्रीम कोर्ट ने  राजस्थान सरकार को लगाई फटकार - sc reprimanded the rajasthan government for  illegal mining in the chambal ...

पर्यावरण और कानून व्यवस्था के लिए खतरा

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि अवैध खनन केवल कानून उल्लंघन नहीं, बल्कि पर्यावरणीय विनाश, वन्यजीवों के आवास खत्म होने और संगठित अपराध का गंभीर मामला बन चुका है। कोर्ट ने “organized illegal mining network” शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि यह गतिविधियां पर्यावरण और कानून व्यवस्था दोनों के लिए खतरा हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रशासनिक कार्रवाई में गंभीर सुस्ती दिखाई दी है।

सुरक्षा पर भी चिंता

सुप्रीम Court ने मुरैना-धौलपुर बॉर्डर स्थित NH-44 पुल के आसपास हो रहे अवैध उत्खनन पर भी गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि पुल के पिलरों के नीचे तक खुदाई होने से उसकी संरचनात्मक सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। NHAI को पुल के आसपास हाई-रेजोल्यूशन CCTV कैमरे लगाने और लाइव फीड पुलिस व वन विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं चंबल नदी में कचरा फेंके जाने पर भी सख्ती दिखाते हुए कोर्ट ने सुरक्षात्मक जाली लगाने और दोषियों पर कार्रवाई करने को कहा है।

रोजगार और निगरानी पर जोर

सुप्रीम कोर्ट ने तीनों राज्यों को हर दो महीने में प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने वन विभाग में खाली पद जल्द भरने, फील्ड अमले को मजबूत करने और स्थानीय युवाओं को इको-टूरिज्म व संरक्षण गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया है। साथ ही जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय जल आयोग से भी चंबल नदी के पर्यावरणीय प्रवाह को बनाए रखने को लेकर जवाब मांगा गया है।

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Author: Vindhya Times

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